{"_id":"5d6ca8958ebc3e0130770ab5","slug":"european-parliament-member-says-article-370-abrogation-help-tackle-terrorism-in-jammu-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूरोपियन पार्लियामेंट में भी अनुच्छेद 370 मिला समर्थन, कहा- जम्मू से आतंक खत्म करने में होगी मदद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
यूरोपियन पार्लियामेंट में भी अनुच्छेद 370 मिला समर्थन, कहा- जम्मू से आतंक खत्म करने में होगी मदद
Mon, 02 Sep 2019 11:54 AM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 02 Sep 2019 11:54 AM IST
विज्ञापन
European Parliament
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर दुनिया भर के देशों ने भारत के इस कदम को लेकर समर्थन दिया है। वहीं, इस बार यूरोपियन पार्लियामेंट से भी सरकार के इस कदम को समर्थन मिला है। अनुच्छेद 370 का मामला यूरोपियन पार्लियामेंट (ईपी) में भी उठा है।
विज्ञापन
ईपी के छपने वाले मासिक अखबार में रविवार को छपी खबर के मुताबिक, पार्लियामेंट में भारत के इस फैसले को समर्थन मिला है। ईपी के सदस्य टॉमस जेकोव्सकी ने इसे भारत का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 के समाप्त होने से कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
अखबार के मुताबिक, टॉमस ने कहा कि कुछ आतंकी संगठन कश्मीर घाटी और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंक फैला रहे हैं। ये आतंकी संगठन कथित रूप से जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों पर हमले के लिए जिम्मेदार हैं। इनमें छह राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और एक अलगाववादी नेता की हत्या भी शामिल है।
विज्ञापन
टॉमस ने आगे कहा कि कश्मीर में अक्टूबर 2018 में स्थानीय चुनावों के दौरान आतंकी हमलों की घटनाएं सबसे ज्यादा हुई। जो नेता चुनावों में हिस्सा ले रहे थे, उन्हें धमकियां मिल रही थी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर पाकिस्तनी आतंकी संगठन पीओके से ही संचालित हो रहे हैं।
टॉमस के मुताबिक पांच अगस्त को भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को खत्म करना आतंकियों के खिलाफ बड़ा फैसला था। यह भारत का आंतरिक मामला है।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, 1990 से लेकर अब तक कश्मीर में कई आतंकी संगठन पनपे हैं। वर्तमान समय में चार बड़े आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिद्दीन और हरकत उल-मुजाहिद्दीन की सक्रियता सबसे ज्यादा है। इन सभी आंतकी संगठनों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है।