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परीक्षा में अच्छे नंबरों का राज़ खुला
बीबीसी हिन्दी
Updated Sat, 13 Oct 2012 11:35 AM IST
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ब्रिटिश जर्नल साइकोलॉजी में छपे एक अध्ययन में कहा गया है कि इम्तेहान को लेकर चिंता सिर्फ उन्हीं बच्चों के नतीजे पर बुरा असर डालती है जिनकी याददाश्त अच्छी नहीं होती।
दूसरे शब्दों में कहें तो यदि आपकी याददाश्त अच्छी है तो परीक्षा को लेकर होने वाली चिंता आपके लिए नुकसानदेह साबित नहीं होगी, बल्कि बढ़िया याददाश्त के मेल से यही चिंता आपको बेहतर नंबर दिला सकती है। शोधकर्ताओं ने 12 से 14 साल के 96 बच्चों पर किए अध्ययन से ये निष्कर्ष निकाला है।
शोध-विधि
शोधकर्ताओं ने एक प्रश्नावली तैयार की जिसमें बच्चों से पूछा गया था कि वे इम्तेहान के पलों में आमतौर पर क्या महसूस करते हैं और इम्तेहान का क्या नतीजा निकला। परिणाम को इन बच्चों की याददाश्त से जोड़कर देखा गया और उनका कम्प्यूटर के जरिए मानसिक परीक्षण किया गया।
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अध्ययन में कहा गया है, ''हमने पाया कि जिन बच्चों की याददाश्त अच्छी नहीं थी, चिंता की वजह से इम्तेहान में उनका प्रदर्शन भी अच्छा नहीं था और जिन बच्चों की याददाश्त बढ़िया थी, उन्हें अच्छे नंबर मिले।'' शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि इन नतीजों का लड़का या लड़की होने, उनकी उम्र कम या ज्यादा होने या परीक्षा के समय से कोई संबंध नहीं है।
उनका ये भी मानना है कि इस शोध की मदद से शिक्षा पेशे से जुड़े लोग कम याददाश्त वाले बच्चों को अच्छे नंबर हासिल करने में मदद कर सकते हैं। साउथम्टन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मैथ्यू ओवेंस ने इस शोध में अहम भूमिका निभाई है। वे कहते हैं, ''ये शोध रोमांचित करने वाला है क्योंकि इससे हमें पता चलता है कि परीक्षा से पहले चिंता किस स्थिति में हमारे नंबरों को कम या ज्यादा कर सकती है।''
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दूसरे शब्दों में कहें तो यदि आपकी याददाश्त अच्छी है तो परीक्षा को लेकर होने वाली चिंता आपके लिए नुकसानदेह साबित नहीं होगी, बल्कि बढ़िया याददाश्त के मेल से यही चिंता आपको बेहतर नंबर दिला सकती है। शोधकर्ताओं ने 12 से 14 साल के 96 बच्चों पर किए अध्ययन से ये निष्कर्ष निकाला है।
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शोध-विधि
शोधकर्ताओं ने एक प्रश्नावली तैयार की जिसमें बच्चों से पूछा गया था कि वे इम्तेहान के पलों में आमतौर पर क्या महसूस करते हैं और इम्तेहान का क्या नतीजा निकला। परिणाम को इन बच्चों की याददाश्त से जोड़कर देखा गया और उनका कम्प्यूटर के जरिए मानसिक परीक्षण किया गया।
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अध्ययन में कहा गया है, ''हमने पाया कि जिन बच्चों की याददाश्त अच्छी नहीं थी, चिंता की वजह से इम्तेहान में उनका प्रदर्शन भी अच्छा नहीं था और जिन बच्चों की याददाश्त बढ़िया थी, उन्हें अच्छे नंबर मिले।'' शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि इन नतीजों का लड़का या लड़की होने, उनकी उम्र कम या ज्यादा होने या परीक्षा के समय से कोई संबंध नहीं है।
उनका ये भी मानना है कि इस शोध की मदद से शिक्षा पेशे से जुड़े लोग कम याददाश्त वाले बच्चों को अच्छे नंबर हासिल करने में मदद कर सकते हैं। साउथम्टन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर मैथ्यू ओवेंस ने इस शोध में अहम भूमिका निभाई है। वे कहते हैं, ''ये शोध रोमांचित करने वाला है क्योंकि इससे हमें पता चलता है कि परीक्षा से पहले चिंता किस स्थिति में हमारे नंबरों को कम या ज्यादा कर सकती है।''