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रूस में फंस गए हैं स्नोडेन: पुतिन
Updated Tue, 16 Jul 2013 01:34 PM IST
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि अमेरिका ने एडवर्ड स्नोडेन को एक तरह से रूस में घेरकर फंसा दिया है।
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वैसे साथ ही पुतिन ने ये भी कहा कि स्नोडेन को अगर मौका मिला तो वह देश छोड़कर दूसरी जगह चले जाएंगे।
अमेरिका के इंटरनेट निगरानी कार्यक्रम की जानकारी लीक करने के मामले में स्नोडेन की तलाश हो रही है।
कई दक्षिण अमेरिकी देश स्नोडेन को शरण देना स्वीकार कर चुके हैं मगर चूंकि स्नोडेन के पास यात्रा के लिए जरूरी कोई भी दस्तावेज़ नहीं है इसलिए वह मॉस्को हवाई अड्डे के ट्रांजिट क्षेत्र से बाहर नहीं जा पा रहे हैं।
पुतिन ने वैसे तो स्नोडेन को अमेरिकी अधिकारियों को सौंपने से इनकार किया है मगर साथ ही ये भी कहा है कि अगर स्नोडेन अमेरिकी निगरानी कार्यक्रम के बारे में जानकारी लीक करना रोक दें तभी वह रूस में रह सकते हैं।
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'फंस गए स्नोडेन'
पुतिन का कहना था कि स्नोडेन रूस में नहीं रहना चाहते और किसी दूसरे देश में जाना चाहते हैं।
जब पुतिन से स्नोडेन के भविष्य के बारे में पूछा गया तो रूसी राष्ट्रपति का जवाब था, "मुझे कैसे पता होगा? ये उनकी जिंदगी है।"
पुतिन ने कहा, "वह हमारी सीमा में बिना किसी बुलावे के आए। और ये उनका अंतिम पड़ाव भी नहीं है... मगर जैसे ही वह हवाई यात्रा में पहुंचे हमारे अमेरिकी साथियों ने आगे की उनकी सभी उड़ानें बंद करवा दीं।"
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रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा, "उन्होंने (अमेरिका ने) बाकी दूसरे देशों को डरा दिया है, कोई भी उन्हें अपने यहां नहीं आने देना चाहता।। इस तरह से उन्होंने (अमेरिका ने) खुद ही उन्हें (स्नोडेन को) हमारी सीमा में फंसाकर घेर दिया है।"
हॉन्गकॉन्ग से 23 जून को आने के बाद से स्नोडेन शेरेमेत्येवो हवाई अड्डे के ट्रांजिट क्षेत्र में स्थित कैप्सूल होटल में फंसे हुए हैं।
राजनीतिक शरण
स्नोडेन ने कम से कम 21 देशों से राजनीतिक शरण की मांग की थी जिनमें से अधिकतर ने उनकी ये मांग ठुकरा दी। मगर बोलीविया, निकारागुआ और वेनेजुएला ने ये संकेत दिए हैं कि वे स्नोडेन को शरण दे सकते हैं।
अब शरण से जुड़े किसी दस्तावेज़, वैध पासपोर्ट या रूसी वीजा के बिना वह ट्रांजिट क्षेत्र से निकल नहीं पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके पास इनमें से कुछ भी नहीं है।
शुक्रवार को स्नोडेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह रूस से अस्थाई शरण मांग रहे हैं और इसके बाद वह दक्षिण अमेरिका चले जाएंगे। मगर रूसी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है।
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी यानी एनएसए के पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन के खिलाफ़ जासूसी और सरकारी संपत्ति की चोरी के आरोप हैं।
स्नोडेन ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनएसए के एक गोपनीय अभियान 'प्रिज्म' के तहत बड़ी तादाद में फोन कॉल्स और इंटरनेट से जुड़ी जानकारियां इकट्ठी की गई हैं।