सीरियल किलर नर्स जिनसे करीब 100 को उतार दिया मौत के घाट
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मेडिकल प्रोफेशन से जुडा कोई शख्स जैसे कोई नर्स लोगों की जान कैसे ले सकता है? और वो भी सौ लोगों की। लेकिन जर्मनी के इस पूर्व नर्स के बारे में तो यही कहा जा रहा है। अभियोजन पक्ष का कहना है, "टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट में ये संकेत मिलते हैं कि नर्स नील्स होएग्ल ने दो अस्पतालों में कम से कम सौ लोगों की जान ली है।"
टॉक्सिकोलॉजी वो साइंस है जिसमें जहर और उसके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। नर्स नील्स होएग्ल इन अस्पतालों में काम करती थीं। जांच से जुड़े लोगों का कहना है कि नर्स नील्स होएग्ल ने पूरे होशोहवाश में सुनियोजित तरीके से अपने मरीजों को जानलेवा डोज दिए। दिल के इन मरीजों की जिम्मेदारी नर्स नील्स होएग्लस पर थी।
कत्ल के आरोप
इन दोनों अस्पतालों में काम कर चुके नील्स होएग्ल फिलहाल कत्ल के दो मामलों में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं। कहा जा रहा है कि नर्स नील्स होएग्ल इन मरीजों को फिर से जिंदा करने की कोशिश के जरिए अपने सहकर्मियों को प्रभावित करना चाहते थे।
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अगले साल उन पर नए आरोप लगाए जा सकते हैं। साल 1999 से 2005 के बीच जर्मनी के दो शहरों में उन पर 38 और 62 मरीजों की हत्या के आरोप हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि नर्स नील्स होएग्ल ने मुमकिन है, और लोगों को भी मारा हो लेकिन उनके अंतिम संस्कार कर दिए गए हैं। अगर नर्स नील्स होएग्ल पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो वे विश्व युद्ध के बाद जर्मन की सबसे बदतरीन सीरियल किलर्स में शुमार हो जाएंगे।
जहर की संभावना
साल 2015 के कोर्ट ट्रायल के दौरान नील्स होएग्ल के खिलाफ चल रहे जांच का दायरा उस वक्त बढ़ा दिया गया जब उन्होंने 30 लोगों की जान लेने की बात कबूल कर ली। इस ट्रायल में उन्हें कत्ल के दो, कत्ल की कोशिश के दो मामलों और मरीजों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दोषी पाया गया।
जांच अधिकारियों ने 130 पूर्व मरीजों की कब्र खोद कर तफ्तीश के काम को अंजाम दिया ताकि उन्हें जहर दिए जाने की संभावना का पता लगाया जा सके। नर्स नील्स होएग्ल ने जिन अस्पतालों में काम किया था, उसके रिकॉर्ड खंगाले गए। लेकिन इसके बावजूद उन्हें अच्छे रिफरेंस मिले।
जर्मनी के डेलमेनहोर्स्ट शहर के एक अस्पताल में उनके जाने के बाद वहां मरीजों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया था। और ये मौतें तब हुईं जब नील्स होएग्ल शिफ्ट पर थे।