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1998 के बाद पहली बार रूस ने की सैन्य खर्चों में बड़ी कटौती, वजह- पश्चिमी देशों का दवाब

Thu, 03 May 2018 11:11 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 03 May 2018 11:11 AM IST
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Russia cuts army expenditure after many years
रूसी सेना

रूस के सैन्य खर्च में 1998 के बाद पहली बार बड़ी कटौती देखी गई है। विशेषज्ञ इसकी वजह रूस के खिलाफ लगाए गए पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को मानते हैं। रूस का सैन्य खर्च पिछले साल घटकर 66.3 अरब डॉलर पर आ गया। यह 2016 के मुकाबले 20 प्रतिशत कम है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की सालाना रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

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पिछली बार 1998 में बड़े आर्थिक संकट के बीच रूस को अपना सैन्य खर्च घटाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। सिपरी के सीनियर रिसर्चर सिमोन वेजेमन का कहना है कि रूस में सेना का आधुनिकीकरण लगातार प्राथमिकता बना हुआ है, लेकिन उसे आर्थिक समस्याओं के कारण सैन्य बजट को सीमित करना पड़ा है। 2014 से रूस आर्थिक मुश्किलें झेल रहा है। उनका इशारा यूक्रेन के क्रीमिया प्रायद्वीप को रूस में मिलाए जाने के बाद लगे प्रतिबंधों की तरफ था। दूसरी तरफ, नाटो के 29 सदस्य देशों ने 2017 में सेना पर 900 अरब डॉलर खर्च किए, जो सिपरी के मुताबिक दुनिया के कुल सैन्य खर्च का 52 फीसदी है।
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2017 में मध्य और पश्चिमी यूरोप में सैन्य खर्च में क्रमश: 12 प्रतिशत और 1.17 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। इसकी एक वजह रूस की तरफ से पैदा संभावित खतरा है। सिपरी के मुताबिक शीत युद्ध की समाप्ति के बाद 2017 में दुनिया का सैन्य खर्च 1.7 खरब डॉलर के साथ अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। सिपरी अध्यक्ष यान इलियासन ने कहा कि लगातार बढ़ता सैन्य खर्च चिंता का विषय है। यह दुनिया भर में चल रहे संकटों के शांतिपूर्ण समाधान की कोशिशों को कमजोर करता है।
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रूस को अब एक कदम पीछे हटना होगा

नाटो के साथ रूस के रिश्ते हमेशा ही ठंडे रहे हैं, लेकिन आजकल ये रिश्ते शीत युद्ध के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। इसकी एक वजह सीरिया में दोनों पक्षों के बीचे तीखे मतभेद हैं। इसमें ब्रिटेन में रूस के एक पूर्व जासूस को जहर दिए जाने का मामला भी शामिल है। रूस ने जैसे-तैसे अभी तक अपने रक्षा बजट को प्रभावित नहीं होने दिया और उसने बुनियादी ढांचे व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कटौती की। लेकिन 2017 में उसके पास कोई विकल्प नहीं बचा और उसे सैन्य बजट में कटौती करनी पड़ी। वेजेमन के मुताबिक रक्षा बजट को उच्च स्तर पर बनाए रखना अब रूस के लिए संभव ही नहीं रहा है। रूस को अब एक कदम पीछे हटना ही पड़ेगा।


अमेरिका दुनिया में सर्वाधिक रक्षा बजट वाला देश

अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा रक्षा बजट वाला देश बना हुआ है। 2017 में उसने अपनी सेना पर 610 अरब डॉलर की रकम खर्च की। सिपरी की रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका का खर्च टॉप-10 में शामिल सात देशों चीन, सऊदी अरब, रूस, भारत, फ्रांस, ब्रिटेन और जापान के संयुक्त रक्षा बजट से भी ज्यादा है।

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