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रोबोट्स का कमाल, कर रहे हैं सिडनी हार्बर ब्रिज की सफाई
बीबीसी
Updated Thu, 18 Jul 2013 07:49 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक सिडनी हार्बर ब्रिज की साफ़ सफ़ाई का काम दो रोबोट कर रहे हैं और उसके बाद उसे पेंट किया जाएगा।
81 साल पुराने इस पुल पर मौजूद पेंट को उतारा जा रहा है। लेड यानी सीसा युक्त पेंट उतारना इंसानों के लिए एक जोखिम भरा काम है इसलिए इन रोबोट्स की मदद ली जा रही है।
बीबीसी संवादादाता फिल मर्सर के मुताबिक़ इन रोबोट्स के दो मीटर लंबे दो हाथ हैं जो पुल के हिस्सों पर तेज़ हवा फेंक कर पुराने पेंट और ज़ंग को हटा देते हैं।
सिडनी के एक तकनीकी विश्वविद्यालय में तैयार ये रोबोट पहले एक निश्चित स्थान चुन लेते हैं। फिर उसका थ्रीडी मानचित्र बनाकर ये तय करते हैं कि उस हिस्से की सफ़ाई करने के लिए कितनी तेज़ गति से हवा फेंकने की ज़रूरत है।
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पहला प्रयोग
पुल की सफ़ाई के काम को कर्मचारियों की सेहत के लिए ख़तरनाक माना जा रहा है क्योंकि इस काम के दौरान उन्हें ऐस्बेस्टस और सीसा युक्त पुराने पेंट से जूझना पड़ेगा।
सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नॉलजी के मार्टिन लॉयड ने बीबीसी को बताया, “दुनिया में इस तरह की तकनीक पहली बार इस्तेमाल हो रही है जहां सफ़ाई का काम मशीनों के हाथ में दे दिया गया है। ऐसे दो रोबोट सिडनी ब्रिज पर काम कर रहे हैं। ये यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नॉलजी और सिडनी की सड़क और सागरीय सेवा विभाग के सहयोग से किया गया है।”
इन दोनों मशीनी कर्मचारियों का वज़न 25 किलोग्राम है और इनमें सेंसर और कैमरा का प्रयोग किया गया है।
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81 साल पुराने इस पुल पर मौजूद पेंट को उतारा जा रहा है। लेड यानी सीसा युक्त पेंट उतारना इंसानों के लिए एक जोखिम भरा काम है इसलिए इन रोबोट्स की मदद ली जा रही है।
बीबीसी संवादादाता फिल मर्सर के मुताबिक़ इन रोबोट्स के दो मीटर लंबे दो हाथ हैं जो पुल के हिस्सों पर तेज़ हवा फेंक कर पुराने पेंट और ज़ंग को हटा देते हैं।
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सिडनी के एक तकनीकी विश्वविद्यालय में तैयार ये रोबोट पहले एक निश्चित स्थान चुन लेते हैं। फिर उसका थ्रीडी मानचित्र बनाकर ये तय करते हैं कि उस हिस्से की सफ़ाई करने के लिए कितनी तेज़ गति से हवा फेंकने की ज़रूरत है।
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पहला प्रयोग
पुल की सफ़ाई के काम को कर्मचारियों की सेहत के लिए ख़तरनाक माना जा रहा है क्योंकि इस काम के दौरान उन्हें ऐस्बेस्टस और सीसा युक्त पुराने पेंट से जूझना पड़ेगा।
सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नॉलजी के मार्टिन लॉयड ने बीबीसी को बताया, “दुनिया में इस तरह की तकनीक पहली बार इस्तेमाल हो रही है जहां सफ़ाई का काम मशीनों के हाथ में दे दिया गया है। ऐसे दो रोबोट सिडनी ब्रिज पर काम कर रहे हैं। ये यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नॉलजी और सिडनी की सड़क और सागरीय सेवा विभाग के सहयोग से किया गया है।”
इन दोनों मशीनी कर्मचारियों का वज़न 25 किलोग्राम है और इनमें सेंसर और कैमरा का प्रयोग किया गया है।