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रूस और यूक्रेन की सेनाएं युद्ध को तैयार
Updated Sun, 02 Mar 2014 10:47 AM IST
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रूसी संसद द्वारा यूक्रेन में फ़ौज भेजने के प्रस्ताव को मंज़ूरी देने के बाद यूक्रेन ने अपनी फौजों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है।
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यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति ओलेक्ज़ेंडर टरचीनोव ने कहा है कि उनके देश की सेना को युद्ध के लिए पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।
यूक्रेन के प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेन्युक ने कहा है कि "अब तक मैंने अपने कई अमेरिकी और यूरोपीय साथियों से बात की है। आज मैंने रूस के प्रधानमंत्री दमित्री मेदवेदेव से भी चर्चा की है। रूस ने आश्वस्त किया है कि रूस ने सैनिकों को यूक्रेन में भेजने पर कोई निर्णय नहीं लिया है। ताज़ा रूसी निर्णय केवल एक संभावना को ले कर किया गया है। मैं कहना चाहता हूं कि यूक्रेन में इस बात की ज़रा सा भी गुंजाइश नहीं की इस तरह के किसी निर्णय पर विचार भी किया जाए।"
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प्रधानमंत्री यात्सेन्युक ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रूस अपनी सेना यूक्रेन में नहीं भेजेगा क्योंकि इसका अर्थ होगा सीधे सीधे युद्ध।
इसके पहले रूसी की संसद ने यूक्रेन में सैनिक भेजने की अनुमति मांगते हुए राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने संसद से कहा था कि रूसी सेना को तब तक यूक्रेन के तैनात किया जाए जब तक "यूक्रेन के राजनीतिक हालात सामान्य नहीं हो जाते"।
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इस प्रस्ताव के बाद रूस के उप विदेश मंत्री ग्रिगोरी करासिन ने कहा है, "संसद के प्रस्ताव का अर्थ यही नहीं है कि रूस सैनिकों के तैनाती तत्काल करने जा रहा है।"
इन तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच 90 मिनटों तक फ़ोन पर बातचीत हुई है।
इस बीच ख़बर आई है कि क्रिमिया के नए प्रधानमंत्री सर्गेई अक्सोनोव ने अपने प्रांत में 30 मार्च को एक जनमत संग्रह कराने का ऐलान किया है। एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह जनमत संग्रह यूक्रेन से आज़ाद होने पर कराया जाएगा ना की अधिक स्वायत्तता के लिए जैसा की पहले बताया गया था।
रूस का एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा यूक्रेन के क्रिमिया प्रांत में पहले से ही मौजूद है। इस प्रांत में रूसी लोगों की बहुलता है।
यूक्रेन पहले से ही क्रिमिया में सैन्य हलचल को लेकर बेहद गुस्से में है। यूक्रेन का कहना है कि मॉस्को यूक्रेन की नई सरकार को को एक 'सैन्य संघर्ष' के लिए मजबूर कर रहा है।
यूक्रेन के रक्षा मंत्री का बयान आया था कि रूस ने अपने 6000 सैनिकों को क्रिमिया में उतार दिया है।
बीबीसी के रिचर्ड गिलपिन का कहना है कि "यहां महत्वपूर्ण यह है कि पुतिन ने पूरे यूक्रेन में सैन्य तैनाती की बात कही है न कि केवल यूक्रेन के क्रिमिया प्रांत में जहाँ रूस का एक नौसैनक अड्डा है और रूसी मूल के लोगों की बहुलता है।"
क्रेमलिन के अनुसार पुतिन ने सैन्य तैनाती की मांग इसलिए की है क्योंकि "यूक्रेन में असामान्य हालात हैं और इसकी वजह से रूसी नागरिकों की जान को ख़तरा पैदा हो गया है'।
उधर ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने रूस के विदेश मंत्री और रूस के के लन्दन में राजदूत से बात की है। ब्रिटेन ने हालत पर बेहद चिंता जताई है और हेग ने बातचीत में शांती बनाए रखने की अपील की है।
ऐसा माना जा रहा ही कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस मसले पर जल्द ही इक आपात बैठक बुला सकता है।
रूस के इस फ़ैसले के पहले कल ही अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन में किसी तरह के सैन्य दख़ल के प्रति रूस को चेतावनी दी थी।
ओबामा का कहना है कि यूक्रेन के भीतर रूसी सैनिकों की मौजूदगी संबंधी ख़बरों से वह बेहद चिंतित हैं।
बराक ओबामा ने कहा था कि रूस को 'सैन्य हस्तक्षेप की कीमत चुकानी पड़ सकती है।'