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हर 5 में से एक ब्रिटिश सांसद देता है रिश्तेदार को नौकरी

Tue, 01 Aug 2017 08:15 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Tue, 01 Aug 2017 08:15 PM IST
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Out of 5 British MPs one gives a job to his relatives
british parliament

हर पांच में से एक ब्रिटिश सांसद करदाताओं के पैसे पर अपने रिश्तेदार को नौकरी देता है। सिर्फ़ पहली बार के सांसदों के लिए इस पर पाबंदी है। 8 जून को हुए चुनाव में कुल 650 में से 589 सांसद ऐसे हैं जो एक बार फिर चुने गए हैं।

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इनमें से 122 ने सांसदों के वित्तीय हितों का लेखा-जोखा रखने वाले 'रजिस्टर ऑफ मेंबर्स फाइनेंशियल इंटरेस्ट्स' में रिश्तेदारों को नौकरी देने की बात स्वीकारी है। लेकिन पहली बार चुने गए 61 सांसदों को ऐसा करने की इजाज़त नहीं दी गई।
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मार्च में लगी थी नए सांसदों के लिए पाबंदी
रिश्तेदारों को नौकरी देने के विरोध में अभियान चला रहे लोगों की मांग है कि सभी सांसदों के लिए इसे ख़त्म करने की एक स्पष्ट आख़िरी तारीख तय होनी चाहिए। संसद की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाली संस्था 'इंडिपेंडेंट पार्लियामेंट्री स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी' (इप्सा) ने मार्च में नए सांसदों के लिए इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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संस्था का कहना था कि परिवार के सदस्यों को नौकरी देना रोजगार की आधुनिक परंपरा के अनुकूल नहीं है और अगली संसद में नए सांसदों को इसकी इजाज़त नहीं होगी। हालांकि उस वक़्त के सांसदों को इसकी इजाज़त दी गई कि वह पहले से नौकरी कर रहे रिश्तेदारों की नौकरियां जारी रख सकें।

Out of 5 British MPs one gives a job to his relatives
british parliament

रजिस्टर ऑफ मेंबर्स फाइनेंशियल इंटरेस्ट्स के मुताबिक, सांसदों ने सबसे ज़्यादा नौकरियां पत्नियों को दी हैं. दूसरा नंबर पति और तीसरा पार्टनर का है। इसके बाद क्रमश: बेटियों, बहनों, बेटों, भाइयों, भतीजियों, पिताओं और मांओं को नौकरियां दी गई हैं। रिश्तेदारों को नौकरी देने में सबसे आगे कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद ही हैं।

उसके बाद लेबर पार्टी और फिर डीयूपी का नंबर है। वोटिंग सुधार के लिए अभियान चला रहीं 'अनलॉक डेमोक्रेसी' की डायरेक्टर एलेक्ज़ेंड्रा रन्सविक कहती हैं, 'नए सांसदों के लिए अपने रिश्तेदारों को नौकरी देने पर लगा प्रतिबंध जनता के पैसे के संभावित दुरुपयोग और भाई-भतीजावाद के लिए लोगों की चिंता को दिखाता है।'

किसी को न मिले छूट
वह पुराने सांसदों के लिए भी इसे ख़त्म करने के लिए एक तारीख़ तय करने की पक्षधर हैं। वह कहती हैं कि अगर सांसदों का अपने परिवार के लोगों को नौकरी देना सैद्धांतिक तौर पर ग़लत है, तो पहली बार के सांसद को छूट देना अप्रांसगिक है। उनके मुताबिक , 'हालांकि मौजूदा कर्मचारियों का कुछ संरक्षण तो जायज़ है, लेकिन यह ज़रूरी है कि यह नियम सभी सांसदों पर एक जैसा लागू हो।' हालांकि बहुत सारे लोगों की दलील थी कि सांसदों के अप्रत्याशित काम के पैटर्न, काम के अतिरिक्त घंटे और विश्वासपात्र सहयोगी की ज़रूरत के मद्देनज़र पति या पत्नी को सांसद का सचिव या सहयोगी बनाना बेहतर रहता है।

इलेक्टोरल रिफॉर्म सोसाइटी के कार्यकारी मुखिया डैरेन ह्यूज़ मानते हैं कि इस परंपरा को बंद करना ही बेहतर है। उनके मुताबिक, 'वोटर को यह भरोसा होना चाहिए कि हमारा लोकतंत्र खुला और पारदर्शी है. संसदीय प्रशासन ने जो कदम लिया है, उसका स्वागत होना चाहिए।'

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