फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   Narendra Modi refused to sign MoU with Britain agreeing to facilitate the return illegal Indian

प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के इस समझौते पर हस्ताक्षर करने से किया इंकार

Thu, 31 May 2018 12:14 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 31 May 2018 12:14 PM IST
विज्ञापन
Narendra Modi refused to sign MoU with Britain agreeing to facilitate the return illegal Indian
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। यह एमओयू ब्रिटेन में अवैध तरीके से रह रहे हजारों भारतीयों की घर वापसी को लेकर था। पीएम ने इसपर हस्ताक्षर इसलिए नहीं किए क्योंकि यह बात सामने आई है कि ब्रिटेन भारतीयों को आसानी से वीजा नहीं दे रहा है। 
विज्ञापन


लंदन के भारतीय उच्चायोग के सूत्रों ने बताया कि इस साल जनवरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने इस द्विपक्षीय समझौते की शुरुआत की थी लेकिन मोदी ने अप्रैल में अपनी लंदन यात्रा के दौरान इसपर हस्ताक्षर नहीं किए थे क्योंकि भारत को ब्रिटेन की तरफ से समझौते को लेकर किसी तरह की प्रगति होती हुई दिखाई नहीं दी है।
विज्ञापन


मोदी के लंदन दौरे के दौरान यह समझौता द्वीपक्षीय बातचीत का मुख्य केंद्र मानी जा रही थी। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे जब भारत दौरे पर नंवबर 2017 में आई थीं तो उन्होंने पीएम मोदी से कहा था कि यूके वीजा देने की प्रक्रिया को लेकर सुधार करने पर विचार-विमर्श करने को तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुधवार को गृहमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, एमओयू के लिए अप्रवासी मंत्री कैरोलीन नोक्स और भारतीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने 11 जनवरी को इस मामले में पहल की थी। जिससे यूके में गैर कानूनी तरीके से रह रहे भारतीयों की जल्दी और कुशल प्रक्रिया के तहत स्वदेश वापसी हो सके। एक वरिष्ठ उच्चायुक्त अधिकारी ने कहा, जब थेरेसा मे भारत आईं तो उन्होंने कहा था कि भारतीयों की वापसी में तेजी आए तो यूके भारतीयों को आसानी से वीजा मुहैया करवाने की तरफ काम करेगा लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।


उच्चायोग ने आगे कहा, हम देख रहे हैं कि यूके में पार्टनर को वीजा नहीं दिया जा रहा है या उन्हें कम अवधि के लिए भी वीजा नहीं मिल रहा है। हमें माइग्रेशन (प्रवसन) में आसानी चाहिए। खासकर भारतीय छात्रों और यहां कंपनियों में काम करने के लिए आने वालों के लिए कम समयावधि के वीजा देने में तेजी लाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed