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दुनिया में पहली बार माताओं के गर्भाशय बेटियों को ट्रांसप्लांट
स्टॉकहोम/एजेंसी
Updated Thu, 20 Sep 2012 06:56 PM IST
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स्वीडन में दो माताओं ने अपनी बेटियों को मातृत्व का सुख दिलाने के लिए अपने गर्भाशय उन्हें दे दिए। इस सर्जरी में इन माताओं के गर्भाशय निकालकर उनकी बेटियों के शरीर में प्रत्यारोपित कर दिए गए, जिससे वे मां बन सकें। गर्भाशयों के प्रत्यारोपण की सुविधा अभी नई ही है। गर्भाशय प्रत्यारोपण का पहला सफल ऑपरेशन पिछले साल तुर्की में किया गया था।
गोटेनबर्ग विश्वविद्यालय और सालग्रेंसका विश्वविद्यालय अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन दोनों महिलाओं में से एक ने पहले कैंसर की वजह से अपना गर्भाशय हटवा दिया था। दूसरी महिला का जन्म ही बिना गर्भाशय के हुआ था। दोनों महिलाओं की उम्र 30 के ऊपर है।
विश्वविद्यालय में प्रसूति विभाग के प्रोफेसर मैट्स ब्राएनस्ट्रोएम ने बताया कि इस सर्जरी को कुल दस सर्जनों ने अंजाम दिया। सर्जरी में कोई जटिलता नहीं आई। गर्भाशय प्राप्त करने वाली महिलाएं स्वस्थ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन महिलाओं की माताओं ने गर्भाशय दिए हैं। ये माताएं भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और कुछ ही दिनों में घर जा सकेंगी। इस शोध दल में 20 वैज्ञानिक, डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल थे। ये लोग इस परियोजना पर वर्ष 1999 से काम कर रहे थे।
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गोटेनबर्ग विश्वविद्यालय और सालग्रेंसका विश्वविद्यालय अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन दोनों महिलाओं में से एक ने पहले कैंसर की वजह से अपना गर्भाशय हटवा दिया था। दूसरी महिला का जन्म ही बिना गर्भाशय के हुआ था। दोनों महिलाओं की उम्र 30 के ऊपर है।
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विश्वविद्यालय में प्रसूति विभाग के प्रोफेसर मैट्स ब्राएनस्ट्रोएम ने बताया कि इस सर्जरी को कुल दस सर्जनों ने अंजाम दिया। सर्जरी में कोई जटिलता नहीं आई। गर्भाशय प्राप्त करने वाली महिलाएं स्वस्थ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन महिलाओं की माताओं ने गर्भाशय दिए हैं। ये माताएं भी पूरी तरह स्वस्थ हैं और कुछ ही दिनों में घर जा सकेंगी। इस शोध दल में 20 वैज्ञानिक, डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल थे। ये लोग इस परियोजना पर वर्ष 1999 से काम कर रहे थे।
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