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ब्रिटेन में एक मस्जिद की क्यों हो रही है वाहवाही....
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 30 May 2013 12:16 PM IST
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टेन के एक दक्षिणपंथी संगठन इंग्लिश डिफ़ेस लीग के कार्यकर्ता ब्रिटेन के यॉर्क स्थित एक मस्जिद के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
लेकिन उनके आश्चर्य का उस समय कोई ठिकाना नहीं रहा जब मस्जिद के अधिकारियों ने उन लोगों को अंदर बुलाया और फिर उन्हें चाय नाश्ता कराया।
मस्जिद के अधिकारियों के इस क़दम की अब हर जगह चर्चा हो रही है और कई लोग इसकी तारीफ़ कर रहे हैं। इंग्लिश डिफ़ेंस लीग के छह कार्यकर्ता इस रविवार को यॉर्क के बुल लेन में मौजूद मस्जिद के सामने विरोध करने के लिए जमा हुए थे।
ये ख़बर मिलते ही लगभग 100 नमाज़ी भी मस्जिद में जमा हो गए। पहले तो इस बात की आशंका थी कि कहीं दोनों गुटों के बीच कोई झड़प न हो जाए लेकिन ठीक इसके उलटा हुआ।
मस्जिद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को अंदर बुलाया और उनका आदर सत्कार किया।
"मुझे लगता है कि रविवार को उस छोटी सी मस्जिद के बाहर जो कुछ हुआ उससे दुनिया बहुत कुछ सीख सकती है।"
फ़ादर टिम जोंस
इसके अलावा मस्जिद में मौजूद नमाज़ियों ने उन प्रदर्शनकारियों के साथ फ़ुटबॉल भी खेला।
यॉर्क के आर्चबिशप डॉक्टर जॉन सेंतामू ने मस्जिद के व्यवहार की तारीफ़ करते हुए कहा, ''अपने विरोधियों और उनके अतिवादी विचारों को निरस्त्र करने करने के लिए चाय, बिस्कुट और फ़ुटबॉल तो यॉर्कशायर की ख़ासियत है।''
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'गर्व का क्षण'
विरोध प्रदर्शन में शामिल फ़ादर टिम जोंस का कहना था, ''मुझे हमेशा से मालूम था कि वे लोग बहुत ही अक़्लमंद और दयालु हैं और इस एक घटना ने इस बात को प्रदर्शित कर दिया है कि ये लोग कितने हिम्मत वालें हैं, शारीरिक रूप से भी और नैतिक रूप से भी।''
"मुझे नहीं लगता कि मैं कभी भी भूल पाउंगा कि यॉर्क मस्जिद के अधिकारियों ने किस तरह गुस्से और नफ़रत का मुक़ाबला शांति और गर्मजोशी के साथ किया। मैं कभी भी उस दृश्य को नहीं भूल सकता कि किस तरह एक मुसलमान पूरी ईमानदार के साथ अपने विरोधियों को चाय और बिस्कुट पेश करता है।"
नील बार्न्स, स्थानीय पार्षद
इलाक़े के पार्षद नील बार्न्स ने कहा कि ये 'यॉर्क के लिए गर्व का क्षण' है।
मस्जिद के इमाम आबिद सालिक ने कहा, ''मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए कुछ लोग जमा हुए थे। उनसे मिलने के लिए हमारे कुछ लोग चाय और बिस्कुट के साथ उनसे मिलने गए और तक़रीबन 30-40 मिनट तक बातचीत की। प्रदर्शनकारी जब मस्जिद के अंदर आने के लिए तैयार हो गए तो ये बहुत ही ख़ूबसूरत नज़ारा था।''
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लेकिन उनके आश्चर्य का उस समय कोई ठिकाना नहीं रहा जब मस्जिद के अधिकारियों ने उन लोगों को अंदर बुलाया और फिर उन्हें चाय नाश्ता कराया।
मस्जिद के अधिकारियों के इस क़दम की अब हर जगह चर्चा हो रही है और कई लोग इसकी तारीफ़ कर रहे हैं। इंग्लिश डिफ़ेंस लीग के छह कार्यकर्ता इस रविवार को यॉर्क के बुल लेन में मौजूद मस्जिद के सामने विरोध करने के लिए जमा हुए थे।
ये ख़बर मिलते ही लगभग 100 नमाज़ी भी मस्जिद में जमा हो गए। पहले तो इस बात की आशंका थी कि कहीं दोनों गुटों के बीच कोई झड़प न हो जाए लेकिन ठीक इसके उलटा हुआ।
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मस्जिद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को अंदर बुलाया और उनका आदर सत्कार किया।
"मुझे लगता है कि रविवार को उस छोटी सी मस्जिद के बाहर जो कुछ हुआ उससे दुनिया बहुत कुछ सीख सकती है।"
फ़ादर टिम जोंस
इसके अलावा मस्जिद में मौजूद नमाज़ियों ने उन प्रदर्शनकारियों के साथ फ़ुटबॉल भी खेला।
यॉर्क के आर्चबिशप डॉक्टर जॉन सेंतामू ने मस्जिद के व्यवहार की तारीफ़ करते हुए कहा, ''अपने विरोधियों और उनके अतिवादी विचारों को निरस्त्र करने करने के लिए चाय, बिस्कुट और फ़ुटबॉल तो यॉर्कशायर की ख़ासियत है।''
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'गर्व का क्षण'
विरोध प्रदर्शन में शामिल फ़ादर टिम जोंस का कहना था, ''मुझे हमेशा से मालूम था कि वे लोग बहुत ही अक़्लमंद और दयालु हैं और इस एक घटना ने इस बात को प्रदर्शित कर दिया है कि ये लोग कितने हिम्मत वालें हैं, शारीरिक रूप से भी और नैतिक रूप से भी।''
"मुझे नहीं लगता कि मैं कभी भी भूल पाउंगा कि यॉर्क मस्जिद के अधिकारियों ने किस तरह गुस्से और नफ़रत का मुक़ाबला शांति और गर्मजोशी के साथ किया। मैं कभी भी उस दृश्य को नहीं भूल सकता कि किस तरह एक मुसलमान पूरी ईमानदार के साथ अपने विरोधियों को चाय और बिस्कुट पेश करता है।"
नील बार्न्स, स्थानीय पार्षद
इलाक़े के पार्षद नील बार्न्स ने कहा कि ये 'यॉर्क के लिए गर्व का क्षण' है।
मस्जिद के इमाम आबिद सालिक ने कहा, ''मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए कुछ लोग जमा हुए थे। उनसे मिलने के लिए हमारे कुछ लोग चाय और बिस्कुट के साथ उनसे मिलने गए और तक़रीबन 30-40 मिनट तक बातचीत की। प्रदर्शनकारी जब मस्जिद के अंदर आने के लिए तैयार हो गए तो ये बहुत ही ख़ूबसूरत नज़ारा था।''