{"_id":"71cd8eae74acd5288de1c505feeea401","slug":"mobile-app-tells-you-place-for-breast-feeding","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐप जो बताता है स्तनपान के लिए आरामदेह जगह","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
ऐप जो बताता है स्तनपान के लिए आरामदेह जगह
Updated Mon, 05 Aug 2013 02:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में मां बनी महिलाएं अब बच्चे को स्तनपान कराने के लिए सुविधाजनक जगह खोजने में स्मार्टफोन का सहारा ले सकती हैं।
विज्ञापन
दरअसल टाइनसाइड ने एक ऐसा मोबाइल ऐप विकसित किया है जो नई माताओं के लिए स्तनपान कराने के लिहाज से आरामदेह जगहों की रेटिंग करता है।
न्यूकैसल युनिवर्सिटी का यह 'फीड फाइंडर ऐप' लोगों को अपने मिजाज के मुताबिक स्तनपान कराने के ख्याल से कैफे, रेस्त्रां और दुकानों की रेटिंग करने का अवसर देता है।
स्मार्टफोन पर इसका इस्तेमाल एक हाथ से किया जा सकता है। मोबाइल ऐप बनाने का मक्सद स्तनपान को जहां तक मुमकिन हो सके आसान और आरामदेह बनाना है।
शुरुआत में इस ऐप को डिजाइन करते वक्त 30 माताओं की मदद ली गई थी। इन माताओं ने सार्वजनिक जगहों पर स्तनपान कराने से जुड़े अनुभवों को लेकर अपने विचार रखे जिनके आधार पर यह ऐप विकसित किया गया।
विज्ञापन
'ट्रिपएडवाइजर-स्टाइल ऐप' माताओं से उनकी रेटिंग पांच मुद्दों पर देने को कहता है। ये हैं आराम, स्वच्छता, बच्चे के लिए सुविधा और वो जगह उनकी जेब के अनुसार किस हद तक है।
विज्ञापन
स्तनपान का आनंद
डॉक्टर मैडलिन बलाम ने अपनी टीम के साथ मिलकर यह ऐप विकसित किया है। न्यूकैसल युनिवर्सिटी में कम्प्यूटर विज्ञानी के तौर पर काम कर रही डॉक्टर बलाम स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे क्षेत्रों की जानकार मानी जाती हैं।
इससे पहले वह एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं जिसमें पहली बार स्तनपान कराने जा रही नई माताओं को दूध पिलाने का तरीका सिखाया जा रहा था।
उन्होंने कहा, "मैं जितनी माताओं से मिली हूं, उन्होंने मुझे बताया कि आखिर क्यों वे स्तनपान का आनंद नहीं ले पाती हैं। उन्हें लगता है कि ये जगह बहुत कटी हुई सी है।"
वह कहती हैं, "पहली बार मां बनी महिलाएं सार्वजनिक तौर पर स्तनपान कराने में असहज महसूस करती हैं। उन्हें यह तक नहीं पता होता है कि वे कहां जाएं और कौन सी जगह स्तनपान कराने के लिहाज से अधिक सुविधाजनक होगी।"
"कुछ महिलाओं ने तो यहां तक कहा कि मां बनने के बाद पहले कुछ महीनों तक वे शायद ही कभी घर से बाहर निकलीं क्योंकि बच्चा बार-बार दूध मांगता है।"
डॉक्टर मैडलिन बलाम के अनुसार इस मोबाइल ऐप का मकसद उन माताओं की चिंताओं को कुछ हद तक कम करना था ताकि वे बच्चे के आने से पहले की तरह जिंदगी जी सकें।