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डॉक्टर की गलती पड़ी भारी, व्हीलचेयर पर बिताने पड़े 43 साल
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Sep 2016 05:06 PM IST
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- फोटो : डेली मेल
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पुर्तगाल में एक शख्स को डॉक्टर की गलती से 43 साल व्हीलचेयर पर बिताने पड़े लेकिन अब वह आराम से चल रहा है। एक स्थानीय समाचारपत्र के मुताबिक, रुफीनो बोरेगो जब 13 साल का था तो डॉक्टरों ने उसे मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी की असाध्य बीमारी से पीड़ित बताया।
इस बीमारी की वजह से शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है जिसके चलते इंसान चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है। चूकिं डॉक्टर ने इसे लाइलाज बीमारी बताया इसलिए रुफीनो बोरेगो ने इसे अपनी किस्मत मानकर स्वीकार कर लिया।
इस गलत जांच के चलते चार दशक से अधिक समय तक इस शख्स को व्हीलचेयर पर बिताना पड़ा लेकिन 2010 में एक न्यूरोलॉजिस्ट ने देखकर बताया कि वह दरअसल एक अन्य बीमारी मायस्थेनिया से पीड़ित है और उसमें भी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
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इस बीमारी का इलाज साधारण अस्थमा की दवाओं से हो जाता है। अब 61 साल का रुफीनो सामान्य जिंदगी जी रहा है। लेकिन कहा जा रहा है कि मायस्थेनिया नामक बीमारी के बारे में चिकित्सकों को 1960 में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
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इस बीमारी की वजह से शरीर की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती है जिसके चलते इंसान चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है। चूकिं डॉक्टर ने इसे लाइलाज बीमारी बताया इसलिए रुफीनो बोरेगो ने इसे अपनी किस्मत मानकर स्वीकार कर लिया।
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इस गलत जांच के चलते चार दशक से अधिक समय तक इस शख्स को व्हीलचेयर पर बिताना पड़ा लेकिन 2010 में एक न्यूरोलॉजिस्ट ने देखकर बताया कि वह दरअसल एक अन्य बीमारी मायस्थेनिया से पीड़ित है और उसमें भी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
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इस बीमारी का इलाज साधारण अस्थमा की दवाओं से हो जाता है। अब 61 साल का रुफीनो सामान्य जिंदगी जी रहा है। लेकिन कहा जा रहा है कि मायस्थेनिया नामक बीमारी के बारे में चिकित्सकों को 1960 में ज्यादा जानकारी नहीं थी।