फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   Love sex and slavery

लव, सेक्स और फिर ग़ुलामी

Fri, 19 Oct 2012 09:41 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Fri, 19 Oct 2012 09:41 PM IST
विज्ञापन
Love sex and slavery

अधिकारियों का कहना है कि पिछले साल इस तरह के 946 मामले सामने आए हैं, जबकि वर्ष 2010 में ये संख्या 710 थी।

विज्ञापन


मानव तस्करी की शिकार सोफी नामक एक ब्रितानी युवती ने एक साक्षात्कार के दौरान विस्तार से बताया कि किस तरह वो अपने कथित प्रेमी के चंगुल में फंस गई और फिर उससे जबरन वेश्यावृत्ति कराया गया।

एक अभिनेता को दिए साक्षात्कार में सोफी ने जो कहानी बयां की उससे पता चलता है कि कैसे लड़कियां इस साजिश में फंस जाती हैं।

खुद सोफी पर इस घटना का खौफ इतना था कि उसे अपनी कहानी लोगों को बताने में पांच साल लग गए, वो भी तब जब उसका कथित प्रेमी ब्रिटेन में सजा काटकर अल्बानिया वापस चला गया।
विज्ञापन


मुलाकात
सोफी बताती हैं कि कैस नामक इस अल्बानियाई युवक से उनकी मुलाकात लीड्स के एक नाइटक्लब में हुई थी।

वो कहती हैं, “उसने मुझे बताया कि वो एक आईटी कंसल्टेंट है। वहीं से हम एक-दूसरे के दोस्त बन गए। उसके बाद कैस इटली चला गया लेकिन हम लोग फोन पर एक-दूसरे के संपर्क में बने रहे। चार साल बाद उसने मुझे छुट्टियां मनाने के लिए इटली बुलाया।”
विज्ञापन
विज्ञापन


सोफी कहती हैं कि चूंकि मेरे मित्र ने मुझे बुलाया था, इसलिए मैं वहां चली गई। “दरअसल जिससे आप प्रेम करते हैं, उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। इसी वजह से मैं वहां चली गई, लेकिन तीसरे दिन ही कैस ने सच्चाई बयान कर दी और बताया कि वो आईटी कंसल्टेंट नहीं, बल्कि एक ड्रग तस्कर है।”


सोफी बताती हैं कि कैस ने उसे धमकाते हुए कहा कि उसके ऊपर एक लाख यूरो का कर्ज है और मुझे अपना शरीर बेचकर उसका ये कर्ज चुकाना था।

उसका कहना था कि ये काम वो और किसी से भी करा सकता है, लेकिन चूंकि सोफी एक ब्रितानी लड़की है, इसलिए वो उसके लिए सोने की खान है।

सोफी कहती हैं, “मजबूरन मुझे ये सब करना पड़ा। उसने मेरा पासपोर्ट छीन लिया। मेरे पास वहां से भागने का कोई रास्ता नहीं था। हर जगह मेरा पीछा किया जाता था।”

सोफी बताती हैं कि इसके लिए उसे हर रात 20-30 लोगों के साथ संबंध बनाना पड़ता था ताकि वो एक लाख यूरो की राशि जुटा सके।

धमकी
वो कहती हैं, “विरोध करने पर मेरे छोटे भाई को गायब करने की धमकी देता था। मैं ऐसा नहीं होने देना चाहती थी क्योंकि मेरा छोटा भाई मेरे लिए सब कुछ था।”

विरोध करने पर उसके सिर पर मारा जाता था और तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता था।

सोफी कहती हैं, “मैं अपने से कुछ भी नहीं कर सकती थी, सोच नहीं सकता थी। मुझे वही करना होता था जो मुझसे कहा जाता था। इस बीच मैं काफी बीमार हो गई थी।”

करीब छह महीने तक ये यातना सहने के बाद उसने किसी तरह से अपनी माँ को वहां फोन करके बुलाया और उन लोगों ने कूट भाषा में एक-दूसरे से बात की।

तब कहीं जाकर पुलिस की मदद से उस अल्बानियाई युवक के चंगुल से सोफी को छुड़ाया जा सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed