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विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने प्रत्यर्पण अर्जी वापस ली
एजेंसी/ पेरिस
Updated Fri, 20 Jan 2017 04:54 AM IST
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- फोटो : getty images
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विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे अमेरिका को प्रत्यर्पित किए जाने की अपनी अर्जी को वापस ले लिया है। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से कहा था कि अगर अमेरिका चेल्सी मैनिंग को क्षमादान देता है तो उसके संस्थापक असांजे अमेरिका को प्रत्यर्पित किए जाने की बात से सहमत हो जाएंगे।
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उनके वकील ने यह भी कहा कि वह पूर्व सेना विशेषज्ञ को तत्काल माफी के लिए भी कहेंगे। यह केवल पिछले सप्ताह के लिए था कि असांजे पूरे इंटरनेट पर दंग रह गया, जिसमें कहा गया कि उसने मैनिंग के लिए एक प्रकार की अदला-बदली के लिए खुद की पेशकश की। विकीलीक्स के संस्थापक पर हजारों दस्तावेजों को लीक करने का आरोप है। विकीलीक्स ने कहा कि अगर ओबामा मैनिंग को क्षमादान दे देते हैं तो डीओजे मामले के स्पष्ट रूप से असंवैधानिक होने के बावजूद असांजे खुद को अमेरिका को प्रत्यर्पित किए जाने को राजी हो जाएंगे।
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लेकिन ओबामा को मंगलवार तक मैनिंग को क्षमादान देना होगा और उनकी रिहाई की तारीख एक मई को तय करनी होगी, तब तक जेल में बंद होने की उनकी सजा लगभग 30 हो जाएंगी। असांजे के वकील ने कहा कि हालांकि यह काफी नहीं था।
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अमेरिका में विकीलीक्स प्रमुख के वकील बैरी पोलाक ने कहा कि कोई सवाल ही नहीं है क्या राष्ट्रपति ओबामा ने किया, जो असांजे मांग रहे थे। असांजे ने कहा था कि चेल्सी पर मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए था, उन्हें दशकों तक जेल में बंद रखने की सजा नहीं सुनाई जानी चाहिए थी और उन्हें तुरंत छोड़ा जाना चाहिए।