फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   hindu's school in london

लंदन के सरकारी हिंदू स्कूल के बारे में सुना है?

Thu, 07 Apr 2016 07:26 PM IST
विश्वा समानी/एशियन नेटवर्क, लंदन
विश्वा समानी/एशियन नेटवर्क, लंदन Updated Thu, 07 Apr 2016 07:26 PM IST
विज्ञापन
hindu's school in london
संस्कृत की पढ़ाई सरकारी हिंदू माध्यमिक विद्यालयों की खास पहचान - फोटो : BBC

ब्रिटेन के पहले सरकारी हिंदू माध्यमिक विद्यालय को लंदन के उत्तर-पश्चिम इलाक़े में स्थायी ठिकाना मिल गया है। चार साल तक कभी यहां, कभी वहां भटकने के बाद अवंती हाउस स्कूल को अब हैरो में इमारत बनाने की इजाजत मिल गई है। स्कूल में पढ़ने-पढ़ाने वालों और नई इमारत में सुविधाओं को देखने हम वहां पहुंचे। जय लक्ष्मण जीसीएसई (जनरल सर्टिफिकेशन ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) संस्कृत के पहले बैच के छात्रों की क्लास ले रहे थे। संस्कृत ऐसी भाषा है, जो अवंति हाउस की सभी कक्षाओं में पढ़ाई जाती है। संस्कृत की पढ़ाई सरकारी हिंदू माध्यमिक विद्यालयों की खास पहचान है।

विज्ञापन

जय लक्ष्मण ने बताया, ''मुझे लगता है कि ज़्यादातर बच्चे अपनी इस महान विरासत के बारे में नहीं जानते। उन बच्चों को यह विकल्प देकर कि- हां, आप संस्कृत भी पढ़ सकते हैं- हमने उन्हें ये जानने का मौका दिया है कि उनकी पहचान क्या है और वे कहां से आए हैं। 
विज्ञापन


15 साल की अदिति परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। वे भी जय लक्ष्मण की इस बात से सहमत दिखीं। अदिति कहती हैं, ''संस्कृत केवल एक भाषा नहीं है। इसे सीखने का मतलब है एक संस्कृति को सीखना, अपने धर्म को ज्यादा जानना। इसे पढ़ना बहुत फायदेमंद है। चार साल की अनिश्चितता के बाद अवंति हाउस के हैरो में स्थायी इमारत बनाने के आवेदन को मंजूरी मिल गई है। मार्क बेन्नीसन स्कूल के हेड टीचर हैं। वे बताते हैं कि यहां स्कूल को स्थायी ठिकाना मिलना बड़ी उपलब्धि है क्योंकि लंदन के इस हिस्से में हिंदू मान्यता वाले स्कूल की मांग बहुत ज्यादा है। स्थायी रूप से स्कूल बनाने को हरी झंडी मिलने के पहले ही आने वाले सितंबर तक जिन 7 जगहों पर स्कूल बनेंगे उसके लिए तय संख्या से अधिक आवेदन आए हैं। ऐसा अनुजा गुप्ता जैसे माता-पिताओं की मांग के कारण हुआ है। अनुजा की 13 साल की बेटी इस स्कूल में पढ़ने जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुजा गुप्ता ने अपनी बच्ची को इस स्कूल में पढ़ने क्यों भेजा, इस बारे में उन्होंने बीबीसी को बताया। वे कहती हैं, "हमारे बच्चे को यहां क्या सिखाया जाता है, वह केवल पढ़ाई का मामला नहीं है। ये जीवन कैसे जिएं, बड़ों और दोस्तों के साथ कैसा व्यवहार करें, उसका भी मामला है। मुझे यह स्कूल बहुत पसंद है।'' मार्क बेन्नीसन मानते हैं कि इससे पहले स्कूल पर आपत्ति जताई गई थी। कहा जा रहा था कि यह एक खास संप्रदाय के लोगों के लिए है। जबकि यह सभी धर्म और जाति के बच्चों के लिए है।


''हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि वास्तविक जीवन को कैसे प्रतिबिंबित करें- नई पीढ़ी का परिचय बहुजातीय और बहुसांस्कृतिक दुनिया से कैसे कराएं।'' 15 साल के छात्र अमर मुस्लिम धर्म मानते हैं। उनका कहना है कि वे इस हिंदू स्कूल में ख़ुश हैं। हालांकि एक ओर तो उन्हें यहां किसी तरह की परेशानी नहीं। बस शाकाहारी खाना खाने की हिदायत से वह थोड़ा परेशान हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed