आईएस के आतंकियों से बचने के लिए खुद को बना लिया बदसूरत
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आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के जिहादियों से खुद को बचाने के लिए एक युवती ने खुद को जलाकर बदसुरत बना लिया। उसने ऐसा इसलिए किया जिससे की कोई आतंकी उसकी ओर आकर्षित न हो जिससे कि उसका रेप न हो सके।
इस हकीकत का खुलासा उस वक्त हुआ जब जिहादियों के चंगुल से छुड़ाई गई दो लड़कियों में से एक ने अपनी आप बीती सुनाई। इस लड़कियों को इलाज के लिए स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इनमें से दूसरी लड़की की भी कहानी काफी दर्दनाक है जिससे उम्र महज आठ साल है। उसने बताया कि उसे बार बार बेचा गया और रेप किया गया। ये दोनों लड़कियां यजिदी धर्म से ताल्लूक रखती हैं।
सरकार चला रही है मुहिम
यह कहानी केवल इन्हीं दो लड़कियों की नहीं है बल्कि उस सारी लड़कियों की है जिन्हें आईएस के आतंकियों ने अगवा कर उनका इस्तेमाल यौन उत्पीड़न के लिए किया है।
जर्मनी के एक डॉक्टर जैन किजिलहान ने बताया कि उनके दल ने कई यजिदी महिलाओं को मनोवैज्ञानिक जांच के लिए जिनेवा लेकर आए। किजिलहान एक प्रोजेक्ट की अगुवाई कर रहे हैं जिसे जर्मनी का बडेन-वर्टमबर्ग स्टेट संचालित कर रहा है। 2014 में राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट की शुरुआत करने पर सहमति जताई थी।
इस प्रोजेक्ट को चलाने के लिए करीब 714 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं और किजिलहान और उनकी टीम को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे हादसों के शिकार लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने की कोशिश करें जिनको इसकी जरूरत है।