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जर्मनी में बनी प्रदूषणमुक्त हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:19 PM IST
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दुनिया की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन जर्मनी ने बना ली है। इसका ट्रायल भी सोमनार यानी 17 सितंबर को कर लिया गया है। शुरुआत में यह महज 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी लेकिन बाद में यह 1000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
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इस ट्रेन का निर्माण करने वाली कंपनी टीजीवी मेकर एल्सटॉम ने बताया कि यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है। डीजल से चलने वाली अन्य ट्रेनों की तरह प्रदूषण नहीं फैलाती है। चमकीले नीले रंग की कोरादिया आइलिंट ट्रेन को फ्रांस की कंपनी टीजीवी मेकर एल्सटॉम ने बनाया है। यह शुरुआत में 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी इस बीच यह कस्बा और शहरों कक्सहैवन, ब्रेमरहेवन से गुजरेगी।
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विश्व की पहली हाइड्रोजन ट्रेन व्यवसायिक तौर पर अब पटरियों पर दौरने लगी है। इस ट्रायल के बाद सीरियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया गया है। एल्सटम सीईओ हेनरी पोपर्ट लाफार्ज ने कहा कि कई स्टेशनों पर हाइड्रोजन भरने की सुविधा मुहैया कराई गई है।
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अपनी तरह की इस अनोखी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन में फ्यूल सेल्स भी बनाए गए हैं जो आक्सीजन और हाइड्रोजन के कंबीनेशन से बिजली उत्पन्न करेगी। और यह उत्सर्जन के रूप में यह पानी और भाप छोड़ेगी।
यह ट्रेन एक बार हाइड्रोजन भरने के बाद 1000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी जैसा कि डीजल ट्रेन करती हैं।
एल्सटम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि भले ही ट्रेन डीजल ट्रेन की तुलना में थोड़ी महंगी है लेकिन यह खर्च के मामले में थोड़ी सस्ती साबित होगी। उन्होंने बताया कि कई देश हाइड्रोजन ट्रेन को विकल्प की तौर पर खरीदना चाह रही हैं, जिसमें ब्रिटेन, नीदरलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, इटली और कनाडा जैसे देश शामिल हैं। फ्रांस में, सरकार ने पहले से ही कहा है कि वह 2022 तक रेल की पटरियों पर पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाना चाहता है।