निजी जानकारी देने पर गूगल पर लगा 75 लाख का जुर्माना
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फ्रांसीसी डाटा प्रोटेक्शन एजेंसी ने गूगल पर 112000 डॉलर यानी 74 लाख 86 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। एजेंसी गूगल पर यह जुर्माना सामान्य लोगों की गुजारिश पर लगाया है।
इंडिया डॉट काम के अनुसार, फ्रांस के कुछ नागरिकों ने एजेंसी से गुजारिश की थी कि गूगल इंटरनेट में उनके बारे में कोई जानकारी न दी जाए। और जो भी इंटनेट में उनके बारे में सूचना उपलब्ध हो उसे डिलीट कर दिया जाए लेकिन इसके बाद भी इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री डिलीट नहीं की गई।
फ्रांस की स्थानीय अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि 'राइट टू फॉरगॉटेन 2014' कुछ लोगों को अधिकार देता है कि है कि कुछ परिस्थितियों में लोग अपनी सूचना सार्वजनिक नहीं कर सकते।
गूगल ने मेन साइट से नहीं हटाई सूचना
खबर के अनुसार, फ्रांसीसी लोगों के आवेदन के आधार पर गूगल ने अपनी सिस्टर साइट गूगल डॉट डीई और गूगल डॉट एफआर से डिलीट कर थी लेकिन यह संवेदनशील सूचना गूगल डॉट कॉम से नहीं हटाई गई।
मामले पर गूगल ने कहा है कि उसने इस महीने के शुरुआत में ही डिलीट किए हुए कंटेट को सर्च करने वाले लूप होल ठीक किए हैं जबकि अभी भी प्रतिबंधित कंटेंट दिख रहे हैं।
गूगल ने अदालत को जानकारी दी है कि उसे अबतक फ्रांस से 86, 600 आवेदन मिल चुके हैं जिनमें करीब ढाई लाख वेब पेज हटाने की मांग की गई है। वहीं देश की कंटेट प्रोक्टिंग एजेंसी को अब तक 700 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 45 प्रतिशत शिकायतें कानूनी कार्यवाही लायक पाई गई हैं।