'हमारे लिए बहुत काम के हैं भारतीय पेशेवर, उनके लिए खुले हैं हमारे दरवाजे'
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यूरोपीय संघ ने कहा है कि उनके दरवाजे भारत के कुशल पेशेवरों के लिए खुले हैं। वह चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स उनके यहां आएं। यूरोपीय संघ का ये बयान उस वक्त आया है जब ट्रंप प्रशासन ने विदेशी पेशेवरों की देश में एंट्री के एच1 वीजा के नियमों में बदलाव का फैसला लिया है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक यूरोपीय संसदीय समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के साथ गहरे व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्हें अफसोस है कि काफी वक्त से दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता स्थगित रही है।
अमेरिकी सरकार की संरक्षणवादी बयानबाजी की आलोचना करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनके इस कदम से यूरोपीय देशों को लेकर भी भारतीय प्रोफेशनल्स में डर पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि अच्छे पेशेवरों के लिए हमेशा यूरोप के दरवाजे पूरी तरह से खुले हैं।
यूरोप में भारतीय पेशेवरों की खासी मांग
प्रतिनिधिमंडल का ये भी कहना था कि यूरोप में भारतीय पेशेवरों की खासी मांग है। अगर हमारे पास कुशल भारतीय पेशेवर नहीं होते तो हमारा आईटी सेक्टर इतना सफल नहीं हो सकता था जितना सफल आज है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि 'यूरोपीय संघ भारत व्यापक व्यापार एवं निवेश करार' के तहत द्विपक्षीय वार्ता की बहाली होनी चाहिए।
ईयू का प्रतिनिधिमंडल भारत के कई केंद्रीय मंत्रियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन समेत कई अन्य लोगों से भी मिलेगा।