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यूरोपीय संघ के नेता बजट कटौती पर सहमत

Thu, 21 Feb 2013 03:57 PM IST
Updated Thu, 21 Feb 2013 03:57 PM IST
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european leaders agree finally to a lower budget

ब्रसेल्स में चली लंबी बैठक के बाद यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच 2014 से लेकर 2020 तक के लिए बजट में कटौती पर आम सहमति बन गई है।

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यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष हर्मन वैन रॉमपूई ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ये फैसला इतना इंतजार करना के लायक था।

आम सहमति के बाद नया बजट लगभग 980 अरब यूरो का होगा। यूरोपीय संघ के बहु-वार्षिक बजट में ये पहली कटौती होगी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ये ब्रिटेन के लिए एक अच्छा सौदा है।

कैमरन का कहना था कि मेरा ख्याल है कि ब्रिटेन की जनता इस बात पर गर्व कर सकती है कि हमनें पहली बार यूरोपीय संघ के लिए सात साल के लिए क्रेडिक कार्ड की सीमा में कटौती की है।

फ़्रांस के राष्ट्रपति ओलांद हॉलेंड जो कि खर्च में बड़ी कटौती का विरोध कर रहे थे, कहा कि ये एक अच्छा समझौता है।

यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच लगभग 24 घंटों तक बातचीत चलती रही क्योंकि फ्रांस और इटली खर्च में कटौती के खिलाफ थे और वो इसको जारी रखने की वकालत कर रहे थे।
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34 अरब यूरो की कटौती
नया बजट यूरोपीय संघ के कुल सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक फीसद है जो कि यूरोपीय संघ के देशों के संयुक्त राष्ट्रीय बजट की तुलना में बहुत कम है।

लेकिन नेताओं के बीच बनी सहमति को अभी यूरोपीय संसद की मंजूरी लेनी होगी और यूरोपीय संसद के सदस्यों ने पहले कहा था कि अगर बजट बहुत कठोर होगा तो वे उसका विरोध करेंगें और उसे अपनी मंज़री नहीं देंगे।
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यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष वैन रॉमपूई ने कहा कि बजट कटौती पर बनी सहमति के अनुसार लगभग 34 अरब यूरो की कटौती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नेताओं ने इतने कठोर मतभेदों को दूर करते हुए आम सहमति बनाकर अपनी ज़िम्मेदारी पूरी कर दी है और उन्हें आशा है कि अब यूरोपीय संसद के सदस्य भी इसे मंजूरी देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करेंगे।

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने बजट कटौती को ब्रिटेन के लिए बड़ी जीत करार दिया है लेकिन सच्चाई ये है कि नए समझौते के तहत ब्रिटेन के योगदान राशि बढ़ जाएगी क्योंकि पिछले समझौते के तहत ब्रिटेन के योगदान में कमी आती जा रही है।


पिछला समझौता ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने किया था जोकि उस समय यूरोपीय संघ के पूर्वी प्रसार के लिए जरूरी फंड जुटाने में मदद करने के लिए किया था।


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