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दिल की बात समझते हैं कुत्ते?
Updated Thu, 14 Feb 2013 10:20 AM IST
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कुत्ते इंसानों के करीब होते हैं। ये बात नई नहीं है लेकिन एक नया शोध बताता है कि कुत्ते इंसानों के नजरिया को कहीं ज्यादा बखूबी समझ लेते हैं।
मतलब पहले जितना समझा जाता रहा है उसके मुकाबले कुत्ते इंसानों को समझने में कई कहीं ज्यादा समर्थ होते हैं।
एक अध्ययन से यह पता चला है कि कुत्ते आसानी से अपने तौर-तरीके बदलने में सक्षम होते हैं खासकर तब जबकि उन्हें पता हो कि उनके मालिक ने अपना नजरिया बदल लिया है।
'एनिमल कॉग्निशन' में प्रकाशित इस अध्ययन में 84 कुत्तों पर लंबे समय तक नजर रखा गया। इस दौरान ये देखा गया कि क्या मालिक के हालात में बदलाव के मद्देनजर कुत्ते भी अपना व्यवहार बदल लेते हैं?
शोध में यह जानने पर जोर दिया गया कि कुत्तों में किस तरह का लचीलापन होता है जिससे वे आदमी का नजरिया समझ पाते हैं।
कुत्ते की समझदारी
इसके अलावा ये भी देखा गया कि अंधेरे में मनाही के बावजूद कुत्तों में खाना चुराने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है ताकि कोई उन्हें देख न लें।
शोध में यह देखा गया कि जब बत्तियां बंद थीं और कुत्ते अपने मालिकों के साथ कमरे में थे तब भोजन चुराने और बात न मानने की प्रवत्ति उनमें ज्यादा थी।
इसके मुताबिक अंधेरे कमरे में कुत्ता यह नहीं भूला था कि उस कमरे में कोई आदमी भी है बल्कि उसने यह समझ लिया कि उसका मालिक कब उसे देख पाने में समर्थ या असमर्थ है।
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अध्ययन में इस बात का पूरा ख्याल रखा गया था कि प्रयोग के दौरान होने वाले फेरबदल से उसके नतीजों पर कोई असर न पड़े।
यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ के मनोविज्ञान विभाग की डॉक्टर जुलियाने कामिन्स्की ने कहा कि अध्ययन आश्चर्यजनक रहा क्यूंकि इससे पता चलता है कि कुत्ते इस बात को समझ रहे थे कि आदमी उन्हें अंधेरे में नहीं देख सकते इसका मतलब यह हुआ कि वे आदमी का नजरिया समझने में सक्षम थे।
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मतलब पहले जितना समझा जाता रहा है उसके मुकाबले कुत्ते इंसानों को समझने में कई कहीं ज्यादा समर्थ होते हैं।
एक अध्ययन से यह पता चला है कि कुत्ते आसानी से अपने तौर-तरीके बदलने में सक्षम होते हैं खासकर तब जबकि उन्हें पता हो कि उनके मालिक ने अपना नजरिया बदल लिया है।
'एनिमल कॉग्निशन' में प्रकाशित इस अध्ययन में 84 कुत्तों पर लंबे समय तक नजर रखा गया। इस दौरान ये देखा गया कि क्या मालिक के हालात में बदलाव के मद्देनजर कुत्ते भी अपना व्यवहार बदल लेते हैं?
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शोध में यह जानने पर जोर दिया गया कि कुत्तों में किस तरह का लचीलापन होता है जिससे वे आदमी का नजरिया समझ पाते हैं।
कुत्ते की समझदारी
इसके अलावा ये भी देखा गया कि अंधेरे में मनाही के बावजूद कुत्तों में खाना चुराने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है ताकि कोई उन्हें देख न लें।
शोध में यह देखा गया कि जब बत्तियां बंद थीं और कुत्ते अपने मालिकों के साथ कमरे में थे तब भोजन चुराने और बात न मानने की प्रवत्ति उनमें ज्यादा थी।
इसके मुताबिक अंधेरे कमरे में कुत्ता यह नहीं भूला था कि उस कमरे में कोई आदमी भी है बल्कि उसने यह समझ लिया कि उसका मालिक कब उसे देख पाने में समर्थ या असमर्थ है।
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अध्ययन में इस बात का पूरा ख्याल रखा गया था कि प्रयोग के दौरान होने वाले फेरबदल से उसके नतीजों पर कोई असर न पड़े।
यूनिवर्सिटी ऑफ पोर्ट्समाउथ के मनोविज्ञान विभाग की डॉक्टर जुलियाने कामिन्स्की ने कहा कि अध्ययन आश्चर्यजनक रहा क्यूंकि इससे पता चलता है कि कुत्ते इस बात को समझ रहे थे कि आदमी उन्हें अंधेरे में नहीं देख सकते इसका मतलब यह हुआ कि वे आदमी का नजरिया समझने में सक्षम थे।