फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   Czech Republic rejects Russia claims

चेक गणराज्य ने रूस के दावों को खारिज किया

Sun, 18 Mar 2018 03:41 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Sun, 18 Mar 2018 03:41 PM IST
विज्ञापन
Czech Republic rejects Russia claims

चेक गणराज्य ने रूस के उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि पूर्व रूसी जासूस पर ब्रिटेन में हुए हमले में उसका हाथ हो सकता है। चेक गणराज्य के विदेश मंत्री मार्टिन स्ट्रॉपनिकी ने कहा कि ये आरोप बेतुके और कयासबाजी के अलावा और कुछ नहीं हैं।

विज्ञापन


ब्रिटेन में रूस के पूर्व राजदूत और उनकी बेटी को 4 मार्च को नर्व एजेंट के जरिये जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। अभी दोनों अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर है। ब्रिटेन का आरोप है कि इस हमले के लिए रूस जिम्मेदार है और उसने ही नर्व एजेंट नोविचोक का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन


हालाँकि रूस ने इन आरोपों से इनकार किया। लेकिन जब ब्रिटेन ने उसके 23 राजनयिकों को निष्कासित करने का ऐलान किया तो रूस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इतने ही ब्रितानी राजनयिकों को रूस छोड़कर जाने के आदेश जारी कर दिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रूस और यूरोशिया मामलों के जानकार जेम्स शर्र कहते हैं, ''अब मायने ये रखता है कि हम अपने नागरिकों को व्यावहारिक रूप से कितनी सुरक्षा दे पाते हैं. साथ ही वैध तरीके से यहाँ रह रहे लोगों को भी भरोसा दिला सकते हैं कि वे यहां महफूज़ हैं. इसके अलावा रूस इस बात पर भी करीबी नज़र रख रहा होगा कि कहीं ब्रिटेन, रूसी कंपनियों के ख़िलाफ़ तो कोई कदम नहीं उठा रहा.''

रूस और ब्रिटेन के बीच चल रहा शह और मात का ये खेल अभी यहाँ रुकने वाला नहीं है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाख़ारोवा ने दावा किया है कि नर्व एजेंट नोविचोक बनाने के पीछे चेक गणराज्य, स्लोवाकिया, ब्रिटेन या स्वीडन का हाथ हो सकता है. उन्होंने दावा किया कि ये देश 1990 के दशक से ही इस नर्व एजेंट को बनाने पर काम कर रहे थे.

रूस की जनता में गुस्सा
रूस और ब्रिटेन के इन दावों में कितनी सच्चाई है, इस पर अभी कुछ कहना मुश्किल है, लेकिन राजनयिकों को निकालने की ब्रिटेन की कार्रवाई पर रूस की जनता में काफी गुस्सा है।

मास्को में रहने वाले बोरिस कहते हैं, ''ब्रिटेन की इस कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाना चाहिए। न सिर्फ ब्रिटेन के 23 राजनयिकों को बल्कि रूस की धरती पर काम कर रहे ब्रिटेन, अमेरिका और पूर्वी यूरोप के सभी खुफिया कर्मचारियों को बाहर निकाल देना चाहिए।''

हालांकि ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो रूस और ब्रिटेन की इस तकरार को किसी के हित में नहीं मानते। मास्को की रहने वाली नास्त्या का कहना है, ''मैं नहीं समझती कि ये किसी के लिए भी फायदे की बात है। पता नहीं ये ब्रिटेन के हित में है या नहीं और क्या वो कोई सैन्य कार्रवाई शुरू करना चाहते हैं।''


नर्व एजेंट के आक्रामक इस्तेमाल को लेकर ब्रिटेन रूस को किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है और यही वजह है कि उसने अमेरिका, रूस, फ्रांस और जर्मनी के साथ संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि रूस के पास सफाई देने का विकल्प नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed