{"_id":"1120f282-6533-11e2-93f9-d4ae52bc57c2","slug":"child-asthma-hospital-admissions-fell-after-smoking-ban-study-shows","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिगरेट पर रोक से अस्थमा घटा","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
सिगरेट पर रोक से अस्थमा घटा
Updated Wed, 23 Jan 2013 01:37 PM IST
विज्ञापन
शोधकर्ताओं का कहना है कि धूम्रपान पर प्रतिबंध लगने के कानून आने के बाद दमा की वजह से अस्पताल में भर्ती होनेवालों बच्चों की तादाद में भारी कमी आई है।
विज्ञापन
एक शोध के मुताबिक सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान पर रोक लगने के पहले साल में ऐसे मरीजों की संख्या में 12 फीसद की गिरावट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट को लिखने वालों का कहना है कि इस बात के भी पुख्ता सबूत हैं कि लोग घरों में भी धूम्रपान करने से पूरी तरह से परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
दमे के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था आस्थमा यूके ने कहा है कि ये संकेत बहुत 'प्रोत्साहक' हैं। लंदन के इम्पिरिल कालेज के शोधकर्ताओं ने इन नतीजों पर पहुंचने के लिए अप्रेल 2002 तक के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई।
विज्ञापन
बच्चों के स्वास्थ्य पर छपने वाली पत्रिका 'पीडियाट्रिक्स' में कहा गया है कि जुलाई 2007 में धूम्रपान पर कानून आने से पहले गंभीर किस्म के दमे के शिकार बच्चों के मरीजों में दो प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हो रही थी।
इसके आधार पर वो उन्होंने अगले 12 महीनों का हिसाब-किताब किया और पाया कि गिरावट की दर 12 फीसद थी। इसके अगले दो सालों में गिरावट का प्रतिशत दो साल था।
ये गिरावट सभी तबकों के बच्चों में पाई गई चाहें वो अमीर परिवारों से आते हों, या फिर गरीब खानदानों से संबंध रखने वाले।
शराबखाने में काम करने वाले
जब ये कानून लागू किया गया था तो उससे पहले बहस इस बात को लेकर थी कि शराबघर में काम करने वाले लोगों को दूसरों के सिगरेट या बीड़ी के धूंए के शिकार होने से किस तरह बचाया जाए।
उस समय बहुत सारे समीक्षकों ने कहा था कि ये रोक लगने का मतलब होगा कि लोग घरों पर अधिक धूम्रपान करने लगेंगे, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि अब काफी लोग घरों में भी धूम्रपान करने से परहेज करने लगे हैं।
शोधकर्ताओं के मुखिया प्रोफेसर क्रिस्टोफर मिलेट कहते हैं कि नए कानून ने बहुत सारी ऐसी गतिविधियों का बढ़ावा दिया है जो स्वागत योग्य हैं।