फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   carol brothers recovers after dying for 45 minutes

जब वो मौत के मुंह से निकल आईं...

Sun, 24 Mar 2013 12:22 AM IST
Updated Sun, 24 Mar 2013 12:22 AM IST
विज्ञापन
carol brothers recovers after dying for 45 minutes

एक 63 वर्षीय महिला जिनके हृदय ने 45 मिनट तक धड़कना बंद कर दिया था और आशंका जताई जा रही थी कि वो शायद ही बच पाएंगी, उन्होंने मौत को मात दे दी और अब वो ठीक हो रही हैं।

विज्ञापन


ब्रिटेन में डेविजेस के पास ईस्टरटन की रहनेवाली कैरल ब्रदर्स पिछले महीने दिल का दौरा पड़ने के बाद अपने घर के बाहर बेहोश हो गई थीं।

पराचिकित्सकों को बहुत परिश्रम से उनके दिल की धड़कन दोबारा शुरू कराने में कामयाबी मिली और फिर उन्हें हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उनके परिवार वालों से कहा कि वो बुरी खबर के लिए तैयार रहें और कैरल को दवाएं देना भी बंद कर दिया गया।

उनकी पुत्री मैक्सिन डिकिन्सन ने बताया कि डॉक्टरों ने मेरी मां को मरने के इंतजार में छोड़ दिया था लेकिन कई दिन बाद वो जीवन में वापस लौट आईं।

कैरल ब्रदर्स के पति डेविड ने बताया कि वो अपनी पुत्री के साथ खरीदारी कर लौट रही थीं, तभी उन्हें घर के बाहर दिल का दौरा पड़ गया और वो गिर पड़ीं।

कोमा
कैरल के पति ने कहा कि मैंने उन्हें रुकते हुए देखा। उसके बाद मेरी बेटी के जोर से चीखने की आवाज़ आई लेकिन मैं कैरल को नहीं देख सका।

मैं भागकर बाहर आया तो देखा कि वो जमीन पर लेटी है और उसके शरीर का रंग बदल रहा है - बहुत भयावह तरीक़े से। मैं बहुत घबरा-सा गया था।

उसके बाद उनकी बेटी ने पड़ोसियों की मदद से उन्हें होश में लाने की कोशिश की लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि अस्पताल के रास्ते में उनकी मां गुजर गई हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मैं गहरे सदमे में थी और उम्मीद छोड़ चुकी थी। लेकिन पराचिकित्सक लगातार धड़कन वापस लाने की कोशिश करते रहे और फिर 45 मिनट के बाद उनका दिल फिर से धड़कने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसके बाद कोमा की हालत में कैरल को हेलिकॉप्टर में बाथ के रॉयल यूनाइटेड अस्पताल ले जाया गया और फिर गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कर दिया गया।

लेकिन तीन दिन के बाद उनके मस्तिष्क में कोई खास गतिविधि न होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल सपोर्ट हटा दिया और उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया।

कैरल की बेटी बताती हैं कि उसके बाद चमत्कारिक ढंग से मेरी मां ने आंखें खोल दीं और फिर डॉक्टरों को भी उम्मीद बंधी और उन्होंने उनका जीवन बचाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया।

'चमत्कारी बेटी'
कैरल ब्रदर्स की धड़कन रुकने के बाद उन्हें मृत मानकर लेविंगटन के चर्च में ये एलान कर दिया गया कि उनका निधन हो गया है। लेकिन फिर एक चमत्कार हुआ और अब वो स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं।

हालांकि कैरल ब्रदर्स को कुछ भी याद नहीं कि उनके साथ क्या कुछ गुज़रा था। वो बताती हैं, "अस्पताल आने के दस दिन बाद सभी लोग यही कह रहे थे कि हमारी 'चमत्कारी बेटी' अब कैसी है? मैं ये सब सुनकर आश्चर्यचकित थी लेकिन कोई मुझे ये नहीं बता रहा था कि हुआ क्या था।"


वो बताती हैं कि उनकी शादी को 46 साल हो गए हैं लेकिन इस घटना ने उन्हें उनके पति के और करीब ला दिया है। कैरल ब्रदर्स भावुक होकर बताती हैं, "जब मैं अस्पताल में थी तो शादी की सालगिरह पर उन्होंने मुझे कार्ड दिया। आमतौर पर वो ये दिन भूल जाते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed