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ब्रिटेन में सिख दंपति के साथ नस्ली भेदभाव, ‘गोरे बच्चे’ को गोद लेने से रोका
एजेंसी/लंदन
Updated Tue, 27 Jun 2017 09:59 PM IST
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ब्रिटेन में एक बार फिर भारतीय मूल के लोगों से भेदभाव का मामला सामने आया है। यहां रह रहे एक ब्रिटिश सिख दंपति को ‘गोरा बच्चा’ गोद लेने की मंजूरी नहीं दी गई है। साथ ही उन्हें सलाह दी गई है कि अगर गोरा बच्चा चाहते हैं तो भारत जाकर अपनी चाहत पूरी कर सकते हैं।
ब्रिटिश सिख दंपति संदीप और रीना मंदर गोरा बच्चा गोद लेने गए तो उनसे कहा गया कि वो सांस्कृतिक विरासत की वजह से बच्चा नहीं ले सकते हैं। उन्हें सलाह दी कि उन्हें अगर गोरा बच्चा गोद लेना हैं तो वो भारत का रुख करें।
दंपति ने एक गोद लेने वाली एजेंसी को बताया कि वे किसी भी जातीय पृष्ठभूमि से एक बच्चे को अपनाना चाहते हैं। दंपति का दावा है कि एजेंसी ने कहा है कि उन्हें आवेदन नहीं करना चाहिए क्योंकि केवल सफेद बच्चे ही उपलब्ध थे। उनसे कहा गया कि सफेद ब्रिटिश या यूरोपीय माता-पिता को प्राथमिकता दी जाएगी। ब्रिटिश दंपति ने सेवाओं के प्रावधान में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अब निर्णय रद्द करवाने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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ब्रिटिश सिख दंपति संदीप और रीना मंदर गोरा बच्चा गोद लेने गए तो उनसे कहा गया कि वो सांस्कृतिक विरासत की वजह से बच्चा नहीं ले सकते हैं। उन्हें सलाह दी कि उन्हें अगर गोरा बच्चा गोद लेना हैं तो वो भारत का रुख करें।
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दंपति ने एक गोद लेने वाली एजेंसी को बताया कि वे किसी भी जातीय पृष्ठभूमि से एक बच्चे को अपनाना चाहते हैं। दंपति का दावा है कि एजेंसी ने कहा है कि उन्हें आवेदन नहीं करना चाहिए क्योंकि केवल सफेद बच्चे ही उपलब्ध थे। उनसे कहा गया कि सफेद ब्रिटिश या यूरोपीय माता-पिता को प्राथमिकता दी जाएगी। ब्रिटिश दंपति ने सेवाओं के प्रावधान में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अब निर्णय रद्द करवाने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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