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ब्रिटेन के पास सीरिया के खिलाफ ताजा सबूत: कैमरन

Fri, 06 Sep 2013 08:24 AM IST
Updated Fri, 06 Sep 2013 08:24 AM IST
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britain has some evidence of chemical attack in syria

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बीबीसी को बताया है कि दमिश्क में हुए रासायनिक हमले को लेकर उनके हाथ नए सबूत लगे हैं।

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कैमरन ने यह बात रूस में कही, जहाँ वो जी-20 की बैठक के लिए पहुंचे हैं।

कैमरन ने कहा कि ब्रितानी वैज्ञानिक दमिश्क से आए सैम्पलों का अध्यन कर रहे हैं।

कैमरन ने इस बात से इनकार किया कि ब्रिटेन की संसद में सीरिया पर सैन्य कार्रवाई के खिलाफ मत पड़ने के बाद उनके देश के लिए वहां कोई भूमिका नहीं रह गई है।

ब्रितानी योजना

ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा कि सीरिया में मानवीय सहायता और शांति स्थापित करने के लिए उनका देश काम करता रहेगा।

बीबीसी के राजनीतिक मामलों के संपादक निक रॉबिन्सन से बातचीत में कैमरन ने कहा, "अगर सीरिया पर सैन्य कार्रवाई करने के पहले संसद का आपात सत्र नहीं बुलाया होता तो सांसदों की राय का सम्मान नहीं हो पाता।"

कैमरन ने कहा कि उनकी अपनी पार्टी के वो सांसद, जिन्होंने विपक्षी सांसदों के साथ सीरिया पर सैन्य कार्रवाई में ब्रिटेन को शामिल होने से रोका, उन्होंने "आसान राजनीतिक राह चुनी ना की सही राह जो कठिन है।"
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कैमरन ने जोर दे कर कहा, "मैं पूरी तरह से मानता हूँ कि अमेरिका ने एक बार सीरिया में रासायनिक हमले के बारे में लाल रेखा तय कर दी और अगर उस रेखा को पार किया गया है तो कार्रवाई होना चाहिए। अगर सीरिया पर कार्रवाई नहीं हुई तो असद सरकार और अन्य तानाशाहों के पास एक गलत संदेश जाएगा।"
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'रूस अड़ा'

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासंघ में अमेरिका की राजदूत सामंथा पावर ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीरिया के लोगों के आकांक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। अमेरिकी राजदूत ने हालात के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराया।

सामंथा पावर ने कहा, "व्यवस्था रूस के अधिकारों की रक्षा कर रही है। रूस जो उस शासन की रक्षा कर रहा है जो खुले आम पिछले 25 सालों का सबसे भयानक रासायनिक हमला करता है और वो भी तब संयुक्त राष्ट्र के भेजे हुए निरीक्षक शहर के बाहर खड़े हो। रासायनिक हथियारों पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के टूटने के बाद भी रूस ने सुरक्षा परिषद को रोक रखा है, हालाँकि रूस खुद रासायनिक हथियारों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संधि से बंधा हुआ है।"

इसके पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन यह संकेत दे चुके हैं कि वो सुरक्षा परिषद में सीरिया के मुद्दे पर वोट होने दे सकते हैं बशर्ते सीरिया की सरकार के खिलाफ अकाट्य सबूत मौजूद हों।

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय के मुख्य अधिकारी सर्गेई इवानोव ने कहा है कि अगर अमेरिकी संसद सीरिया पर सैनिक कार्रवाई के पक्ष में मतदान कर भी देती है तो भी सीरिया पर हमला गैर कानूनी ही होगा।

अमेरिकी संसद से सीरियाई अपील

उधर दूसरी तरफ सीरिया की संसद के अध्यक्ष ने अमेरिकी संसद में अपने समकक्ष रिपब्लिकन नेता जॉन बोएनर को लिखे एक ख़त में सीरिया पर हमले के आदेश देने में जल्दबाजी ना करने को कहा है।

दमिश्क में बशर अल असद सरकार पर पिछले ढाई साल के विद्रोह के दौरान कई बार रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप है। ताज़ा आरोप 21 अगस्त को राजधानी दमिश्क के एक बाहरी इलाके में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का है।


असद सरकार इन तमाम आरोपों को सिरे से ख़ारिज करती है।

यूं तो जी 20 की इस बैठक का मुख्य मुद्दा वैश्विक आर्थिक सेहत है लेकिन सीरिया का मुद्दा अन्य मुद्दों को गौण कर रहा है ।

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने कहा है, "वैश्विक आर्थिक संकट का ख़तरा अभी तक पूरी तरह से टला नहीं है। "

सीरिया पर सैन्य कार्रवाई को लेकर पुतिन कह चुके हैं कि इस तरह की कोई भी कार्रवाई बिना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की मंज़ूरी के नहीं होना चाहिए। पुतिन के अनुसार बिना संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के की गयी कार्रवाई "आक्रमण" होगी।

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