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एक्सप्लेनर: क्या मस्क ने खुद धीमा कराया यूक्रेन का स्टारलिंक नेटवर्क, किस डर से ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार?

Sat, 17 Oct 2026 01:53 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 17 Oct 2026 01:53 PM IST
सार

यूक्रेन अब तक रूस से युद्ध में अपनी नेटवर्क जरूरतों को पूरा करने के लिए स्टारलिंक पर निर्भर रहा है। हालांकि, अब युद्ध के बीच में ही उसका इंटरनेट रुकना गहरी समस्या पैदा कर रहा है। यूक्रेन ने इसे लेकर सार्वजनिक तौर पर शिकायत भी की है। हालांकि, एलन मस्क ने अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए सीधा तौर पर अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा दिया है।  

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Elon Musk Approached Donald Trump to Slow down Starlink Network in Ukraine explained news-
एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप, कौन बोल रहा सच। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत को लगातार तेज इंटरनेट सेवा मुहैया कराने का वादा करने वाले एलन मस्क एक के बाद एक विवादों में घिरते चले जा रहे हैं। वजह भी है यही 'इंटरनेट। दरअसल, एलन मस्क लगातार रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को स्टारलिंक का तेज नेटवर्क मुहैया कराने की बात करते आए हैं। हालांकि, इस हफ्ते जब यूक्रेन को युद्ध के मैदान में रूस के खिलाफ अपने नेटवर्क में दिक्कतें महसूस हुईं तो सबसे पहले सवाल मस्क के इन्हीं दावों पर हुए। स्पेसएक्स के मालिक मस्क ने चुपचाप स्टारलिंक के नेटवर्क के धीमा होने के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी रक्षा विभाग- पेंटागन को जिम्मेदार ठहरा दिया। हालांकि, अब एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वह मस्क ही हैं, जो कि यूक्रेन को मिलने वाले स्टारलिंक नेटवर्क को धीमा करने का विचार लेकर ट्रंप के पास पहुंचे थे। 
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मस्क ने क्यों रखा यूक्रेन में स्टारलिंक का नेटवर्क धीमा कराने का विचार?

ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ' की रिपोर्ट में इससे जुड़ा दावा किया गया है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अरबपति टेक आंत्रप्रेन्योर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक में यह प्रस्ताव रखा था कि वे यूक्रेन में स्टारशील्ड (सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल होने वाली स्टारलिंक सेवा) की नेटवर्क गति पर सीमा लगा दें। इससे यूक्रेन का रूस के ड्रोन्स के खिलाफ तेजी से चलने वाला नेटवर्क असहाय हो जाएगा। 
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बताया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क के इस प्रस्ताव पर हामी भर दी। इस तरह पेंटागन को मस्क के सैटेलाइट सिस्टम की गति कम करने का विचार आया। चौंकाने वाली बात यह है कि जब बुधवार को मस्क से यूक्रेन के ऊपर स्टारलिंक नेटवर्क के धीमे होने को लेकर सवाल पूछा गया था तो उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर अमेरिकी सेना, रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहरा दिया। यह तब हुआ जब ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमला न करने की चेतावनी दी थी। 


अमेरिका ने क्यों धीमा किया यूक्रेन का स्टारलिंक नेटवर्क?

बताया गया है कि अमेरिकी अधिकारियों ने पहले ही यूक्रेन की शांति समझौते के लिए तय टीम को यह चेतावनी दी थी कि अगर वह रूस पर लंबी दूरी के हमले नहीं रोकता है तो कीव को जो खुफिया जानकारी और अन्य तरह के समर्थन दिए जा रहे हैं, वह सब रोक दिए जाएंगे। हालांकि, जब जेलेंस्की की तरफ से रूस के खिलाफ युद्ध में पीछे हटने या किसी तरह से समझौता न करने के संकेत मिले तो अमेरिका की तरफ से स्टारलिंक की गति को कथित तौर पर धीमा कर दिया गया। 
 
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की। - फोटो : अमर उजाला

मस्क ने रखा स्टारलिंक नेटवर्क धीमा करने का प्रस्ताव, फिर ट्रंप पर आरोप क्यों मढ़े?

टेलीग्राफ ने एक वरिष्ठ सूत्र के हवाले से दावा किया कि जब यूक्रेन को स्टारलिंक नेटवर्क धीमा होने के बाद रूस के हमलों में भारी तबाही झेलनी पड़ी, तो एलन मस्क इस बात से डर गए कि यूरोप में उसके उपभोक्ताओं में स्टारलिंक को लेकर नकरात्मक संकेत जा रहा है। इसके बाद मस्क ने एक्स पर पोस्ट में खुद को मासूम बताते हुए अमेरिकी प्रशासन पर आरोप मढ़ दिए। सूत्र ने कहा कि यूक्रेन के ऊपर स्टारलिंक नेटवर्क धीमा होने के पीछे ट्रंप-मस्क दोनों मिले हुए थे। 

ये भी पढ़ें: एक्सप्लेनर: क्या अमेरिकी सेना के नियंत्रण में मस्क का स्टारलिंक; युद्ध में उलझे यूक्रेन का इंटरनेट कैसे रोका?
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क्या यूरोप की तरफ से स्पेसएक्स को लेकर जताया गया शक?

ब्रिटिश अखबार ने एक और सूत्र के हवाले से दावा किया कि रूस की सीमा के करीब एक यूरोपीय देश पोलैंड बीते कुछ समय से लगातार स्पेसएक्स और एलन मस्क को लेकर चेतावनियां दे रहा है। पोलैंड का कहना है कि यूरोप स्पेसएक्स की सेवाओं पर कुछ ज्यादा ही निर्भरता बढ़ा चुका है। पोलैंड को विदेश मंत्री राडेक सिकोर्स्की ने हाल ही में मस्क को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था, "आपके यूरोपीय उपभोक्ता होने के साथ ही हम आप पर नजर रख रहे हैं।"

बता दें कि यूरोप फिलहाल स्टारलिंक पर अपनी निर्भरता को घटाने के लिए आईरिस2 (Iris2) सिस्टम का इंतजार कर रहा है, जो कि 2030 तक पूरी तरह ऑपरेशनल हो सकता है। 

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एलन मस्क, स्पेसएक्स के प्रमुख। - फोटो : अमर उजाला

स्टारलिंक की सेवा यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में कितनी अहम है? 

यूक्रेन के लिए युद्ध के मैदान में स्टारलिंक की सेवा काफी निर्णायक है। फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के शुरुआती दिनों में जब पारंपरिक उपग्रह नेटवर्क, जैसे- वियासैट पर साइबर हमले हुए और जमीनी संचार बुनियादी ढांचे, जैसे- सेल टॉवर, ऑप्टिकल फाइबर नष्ट हो गया, तब स्टारलिंक यूक्रेन की सैन्य रक्षा प्रणाली का मुख्य तंत्र बन गया।

सुरक्षित और रियल-टाइम कमांड-एंड-कंट्रोल: स्टारलिंक के टर्मिनल सीधे आकाश में उपग्रहों की ओर संकीर्ण बीम में सिग्नल भेजते हैं। इससे रूसी इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (ELINT) और जैमिंग प्रणालियों के लिए इनकी सटीक लोकेशन का पता लगाना या सिग्नल को ब्लॉक करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके जरिए भूमिगत बंकरों में बैठे कमांडर अग्रिम मोर्चे के सैनिकों के साथ एनक्रिप्टेड लाइव वीडियो और वॉयस लिंक बनाए रखते हैं।

ये भी पढ़ें: स्टारलिंक विवाद: यूक्रेन में सैन्य संचार पर असर का आरोप, स्पेसएक्स के मालिक ने क्या कहा; भारत क्यों सतर्क?

ड्रोन और नौसैनिक संचालन:
छोटे टोही ड्रोन, लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन और काला सागर में तैनात समुद्री ड्रोन (यूएसवी) लाइव हाई-डेफिनिशन वीडियो स्ट्रीम और कंट्रोल के लिए स्टारलिंक के कम-लेटेंसी वाले इंटरनेट पर निर्भर हैं।  

डिजिटल आर्टिलरी और डेल्टा प्लेटफॉर्म: यूक्रेन युद्धक्षेत्र की जानकारी साझा करने के लिए 'डेल्टा' नामक क्लाउड-आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग करता है। तोपखाने और हिमार्स इकाइयों को स्टारलिंक के जरिए मिनटों के बजाय कुछ ही सेकंड में सटीक टारगेट निर्देशांक मिल जाते हैं, जिससे वे हमला करके तुरंत काउंटर-अटैक से पहले सुरक्षित हट जाते हैं।

वायु रक्षा इंटरसेप्टर: यूक्रेन रूसी शाहेद कामिकाजे ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल करता है, जो लाइव वीडियो ट्रैकिंग के लिए स्टारलिंक पर निर्भर हैं।
 

स्टारलिंक सेवाओं के बंद होने से कितनी बड़ी मुश्किल में यूक्रेन?

  • यूक्रेन के हमलावर और इंटरसेप्टर ड्रोन्स में ऑनबोर्ड मार्गदर्शन प्रणाली के लिए स्टारलिंक का उपयोग किया जाता है। 160 किमी/घंटा (100 मील/घंटा) की गति सीमा लागू होते ही उच्च गति से उड़ने वाले ड्रोन्स का इंटरनेट कनेक्शन हवा में ही टूट जाता है, जिससे वे बेकार हो जाते हैं। इसके अलावा, हाई-डेफिनिशन कैमरा फीड बंद होने से ड्रोन पायलट अचानक ही ड्रोन्स का विजुअल खो देते हैं।
  • रूस के शाहेद ड्रोन लगभग 319 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ते हैं। गति प्रतिबंधों के कारण यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोन्स रूसी ड्रोन्स का पीछा करके उन्हें हवा में मार गिराने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे दुश्मन के ड्रोन्स और मिसाइलों को अंदरूनी इलाकों पर हमला करने का मौका मिल जाता है।
  • हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट रुकने से बंकरों में बैठे कमांडरों और अग्रिम मोर्चे की इकाइयों के बीच वास्तविक समय का संपर्क टूट जाता है। सैनिकों को पारंपरिक सैन्य रेडियो या केबल्स पर निर्भर होना पड़ता है, जिन पर रूसी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्रणालियों को आसानी से जैमिंग और लोकेशन ट्रैकिंग की जा सकती है।
  • यूक्रेन के पास स्टारलिंक के विकल्प की भी भारी कमी है। एक और सेवा- वनवेब के टर्मिनल बड़े, कम मोबाइल और महंगे हैं; जियोस्टेशनरी (जीईओ) उपग्रहों में लेटेंसी बहुत अधिक (600 मिलीसेकंड से अधिक) होती है जिससे ड्रोन कंट्रोल करना असंभव है; और यूरोपीय संघ का आईरिस2 सिस्टम तैयार होने में अभी वर्षों दूर है। 

यही वजह है कि स्टारलिंक की कनेक्टिविटी में थोड़ी सी भी तकनीकी रुकावट या गति प्रतिबंध यूक्रेन के सैन्य अभियानों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

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स्टारलिंक और स्टारशील्ड सेवाओं में क्या अंतर है?
स्टारशील्ड स्पेसएक्स की एक वाणिज्यिक शाखा है, जो अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के लिए सैन्य और खुफिया सैटेलाइट सिस्टम बनाती है। स्टारशील्ड की सेवा स्टारलिंक की आम इंटरनेट सेवा से अलग है। आम स्टारलिंक सेवा का इस्तेमाल हमलावर सैन्य कार्रवाइयों के लिए नहीं किया जा सकता, इसका उपयोग केवल रक्षात्मक गतिविधियों या आम नागरिकों के लिए ही संभव है। स्टारशील्ड में सैन्य हमलों और रणनीतिक क्षमताओं की अनुमति है। यह संवेदनशील जानकारियों को भेजने के लिए बेहद सुरक्षित नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा, स्टारशील्ड अपने यूजर्स को ड्रोन जैसी चीजों पर सेंसर्स जोड़ने की सुविधा भी देता है। स्टारशील्ड का यह सुरक्षित नेटवर्क वास्तव में स्टारलिंक के 11,000 सैटेलाइट्स के विशाल नेट पर काम करता है, जिन्हें एलन मस्क और स्पेसएक्स ने 2019 से अंतरिक्ष में भेजा है।
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