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क्रिप्टोकरेंसी : बिटकॉइन को कानूनी मान्यता देने वाला अल सल्वाडोर पहला देश बना
Thu, 10 Jun 2021 02:18 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, सैन सल्वाडोर।
एजेंसी, सैन सल्वाडोर।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 10 Jun 2021 02:18 AM IST
सार
पांच जून को राष्ट्रपति नायब बुकेले ने कहा था कि वे बिटकॉइन को देश की वैध मुद्रा बनाने के लिए जल्द ही बिल पेश करेंगे।
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Bitcoin
- फोटो : social media
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विस्तार
मध्य अमेरिकी देश अल सल्वाडोर बिटकॉइन को कानूनी मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। अल सल्वाडोर कांग्रेस ने 9 जून को देश में दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को कानूनी तौर पर मान्यता देने वाले बिल को मंजूरी दे दी है। इसका इस्तेमाल अल-सल्वाडोर की आधिकारिक मुद्रा अमेरिकी डॉलर के साथ किया जाएगा।
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अल सल्वाडोर की संसद में राष्ट्रपति के प्रस्ताव पर बिटकॉइन को 62 की तुलना में 84 वोटों से मंजूरी दे दी गई। बिटकॉइन को वैध मुद्रा बनाने का कानून 90 दिनों में लागू हो जाएगा
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आर्थिक विकास में होगा मददगार: बुकेले
अल-सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले के अनुसार बिटकॉइन को आधिकारिक मुद्रा बनाने से विदेशों में रहने वाले अल सल्वाडोर के नागरिकों के लिए घर पर पैसे भेजना आसान हो जाएगा।
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बुकेले ने एक ट्वीट में कहा, यह हमारे देश के लिए वित्तीय समावेशन, निवेश, पर्यटन, नवाचार और आर्थिक विकास लाएगा। इस कदम से अल सल्वाडोर के लोगों के लिए वित्तीय सेवाएं खुल जाएंगी। विदेशों में काम कर रहे सल्वाडोर के लोग काफी तादाद में करेंसी अपने घर भेजते हैं। विश्व बैंक के डाटा के अनुसार साल 2019 में लोगों ने कुल छह अरब डॉलर देश में भेजे थे।
क्या है बिटकॉइन
बिटकॉइन एक प्रकार की डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टो-करेंसी है, जो तत्काल भुगतान को सक्षम बनाती है। बिटकॉइन को वर्ष 2009 में दुनिया के सामने पेश किया गया था। यह एक ओपन-सोर्स प्रोटोकॉल पर आधारित है और इसे किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं किया जाता है।
बिटकॉइन की उत्पत्ति को लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। कई लोग मानते हैं कि वर्ष 2008 के वित्तीय संकट के बाद सातोशी नाकामोतो नामक व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा बिटकॉइन के रूप में पहली क्रिप्टो-करेंसी विकसित की गई थी, हालांकि सातोशी नाकामोतो के बारे में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है।