Ecuador Blackout: लगातार तीसरे महीने अंधेरे में डूबा इक्वाडोर, ट्रांसमिशन लाइन खराब होने से देश की बिजली गुल
एक करोड़ से अधिक आबादी वाला इक्वाडोर कई सालों से ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। बुनियादी ढांचे की विफलता, रखरखाव की कमी और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता इन सभी ने पूरे देश में बिजली नहीं रहने में योगदान दिया है।
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पूरी दुनिया बदलती जलवायु के कारण अजीबोगरीब मौसम की मार झेल रही है। ऐसे में कहीं भीषण गर्मी तो कहीं बारिश का मौसम बना हुआ है। गर्मी के कारण कई देशों में बिजली की मांग बढ़ गई। इन सबके बीच, इक्वाडोर में बुधवार को हाहाकार मच गया। दरअसल, पूरे देश में बुधवार दोपहर अचानक से बिजली चली गई। इससे सब लोग परेशान हो गए। वहीं सार्वजनिक अवसंरचना मंत्री रॉबर्टो ल्यूक ने बिजली जाने के पीछे का कारण ट्रासमिशन लाइन में खराबी आना बताया।
बिजली क्यों चली गई?
रॉबर्टो ल्यूक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'मुझे राष्ट्रीय बिजली ऑपरेटर सीईएनओसीई एक रिपोर्ट मिली है, इसमें बताया गया है कि बिजली क्यों चली गई। दरअसल, ट्रांसमिशन लाइन में खराबी के कारण कैस्केड डिस्कनेक्शन हुआ। इसलिए पूरे देश में कहीं भी बिजली नहीं थी।'
मंत्री ने आगे कहा कि अधिकारी बिजली को वापस लाने के लिए लगातार काम कर रहे थे। कुछ ही घंटों में इक्वाडोर की राजधानी क्विटो के कुछ हिस्सों में बिजली लौटना शुरू हो गई थी।
इक्वाडोर कई सालों से ऊर्जा संकट से जूझ रहा
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 1.8 करोड़ आबादी वाला इक्वाडोर कई सालों से ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। बुनियादी ढांचे की विफलता, रखरखाव की कमी और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता, इन सभी ने पूरे देश में बिजली नहीं रहने में योगदान दिया है। वहीं, चीन द्वारा निर्मित 2.25 अरब डॉलर की लागत वाला कोका कोडो सिंक्लेयर बांध नामक पनबिजली संयंत्र इक्वाडोर की समस्या को हल करने में मदद करने वाला था। हालांकि, यह परियोजना इक्वाडोर के अधिकारियों के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गई है। निर्माण में कई त्रुटियां हुई हैं, जिसके परिणामस्वरूप इक्वाडोर के अधिकारियों और चीनी कंपनी के बीच कानूनी विवाद हुआ है।
इक्वाडोर के अधिकांश हिस्से में बिजली गायब
बुधवार को दोपहर लगभग सवा तीन बजे (स्थानीय समयानुसार), इक्वाडोर के अधिकांश हिस्से में बिजली गायब थी। शाम को क्विटो और गुआयाकिल की सड़कों पर कारों के हॉर्न और ड्राइवरों के चिल्लाने की आवाजें गूंजने लगीं। इसका कारण यह था कि बिजली जाने के कारण ट्रैफिक लाइटों ने काम करना बंद कर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों और कुछ जल आपूर्ति कंपनियों ने दोनों प्रमुख शहरों में अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
इससे पहले भी बन चुकी है ब्लैकआउट की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल की शुरुआत में इक्वाडोर में ब्लैकआउट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसके बारे में ऊर्जा मंत्रालय ने कहा था कि इसका कारण लंबे समय तक सूखे के बाद ऐतिहासिक रूप से कम जल प्रवाह, बढ़ते तापमान और देश की विद्युत प्रणाली के रखरखाव की कमी है। मई की शुरुआत में भी ब्लैकआउट हुआ था, जो बाद में सही हो गया था। ल्यूक, जो कार्यवाहक ऊर्जा मंत्री भी हैं, ने सात जून को कहा कि बिजली कटौती का जोखिम कम हो गया है। हालांकि, 16 जून को क्विटो के कुछ हिस्सों में फिर से बिजली कटौती हुई। तीन दिन बाद, पूरे देश में बिजली कटौती हुई।