{"_id":"659d1a3df745fe44bb065323","slug":"earthquake-with-magnitude-of-6-on-the-richter-scale-hit-near-west-coast-of-honshu-japan-2024-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Japan Earthquake: जापान में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर पैमाने पर छह की तीव्रता से कांपी धरती","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Japan Earthquake: जापान में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर पैमाने पर छह की तीव्रता से कांपी धरती
Tue, 09 Jan 2024 03:34 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 09 Jan 2024 03:34 PM IST
विज्ञापन
earthquake
- फोटो : istock
जापान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता छह मापी गई। झटके मंगलवार दोपहर दो बजकर 29 मिनट पर पश्चिमी तट होन्शू में महसूस किए गए। इससे पहले नए साल पर पश्चिमी जापान में आए सिलसिलेवार भूकंप में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान कई इमारतें, वाहन तथा नौकाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं थीं।
विज्ञापन
अधिकारियों ने भूकंप के खतरे को देखते हुए चेतावनी जारी कर कुछ क्षेत्र में लोगों को अपने घरों से दूर रहने को कहा था। एक जनवरी को इशिकावा प्रांत और आसपास आए भूकंप के करीब 100 झटकों में सर्वाधिक 7.6 तीव्रता का भूकंप भी शामिल था। इसके बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी।
विज्ञापन
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
विज्ञापन
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
कितनी तबाही लाता है भूकंप?
| रिक्टर स्केल | असर |
| 0 से 1.9 | सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है। |
| 2 से 2.9 | हल्का कंपन |
| 3 से 3.9 | कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर |
| 4 से 4.9 | खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं। |
| 5 से 5.9 | फर्नीचर हिल सकता है। |
| 6 से 6.9 | इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है। |
| 7 से 7.9 | इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं। |
| 8 से 8.9 | इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा। |
| 9 और उससे ज्यादा | पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी। |