S Jaishankar: 'मैं विदेश में नहीं करता राजनीति, देश लौटने पर देखना'; आखिर जयशंकर ने क्यों दिया ये बयान?
जयशंकर ने कहा कि आज भारतीय विदेश नीति का एक हिस्सा विदेशों में भारतीय नागरिकों के कल्याण को सुरक्षित करने पर केंद्रित है। आज भारतीयों के वैश्वीकरण को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे तंत्र स्थापित किए जाएं जो कठिन परिस्थितियों का जवाब दे सकें।
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए जा रहे हमले का जवाब दिया है। दक्षिण अफ्रीका में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि कोई व्यक्ति जब देश के बाहर जाता है तो कुछ चीजें राजनीति से परे होती हैं। खुद को लेकर उन्होंने कहा कि वह विदेश में राजनीति करने से परहेज करते हैं।
दरअसल, केपटाउन के सांता क्लारा में शनिवार शाम को स्थानीय और प्रवासी समुदाय की तरफ से जयसंकर के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। वहां राहुल गांधी का नाम लिए बिना पूछे गए एक सवाल पर जयशंकर ने यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैं केवल अपने बारे में बात कर सकता हूं। मैं कोशिश करता हूं कि जब मैं विदेश जाऊं तो राजनीति न करूं...जब मैं वापस लौटूं, तो मुझे देखना।
दी ये चुनौती
इस दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मैं अपने देश में जोरदार बहस के लिए पूरी तरह से तैयार हूं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्कृति में भी कुछ सामूहिक जिम्मेदारियां होती हैं। राष्ट्रहित होता है, सामूहिक छवि होती है। जब आप देश से से बाहर कदम रखते हैं, तो कुछ चीजें राजनीति से परे हो जाती हैं। मुझे लगता है कि हमें इसे याद रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मैं किसी से पूरी तरह अलग हो सकता हूं। मैं कह भी सकता हूं कि उनसे अलग राय रखता हूं। लेकिन, उसका जवाब कैसे देता हूं...मैं इसके लिए घर लौटना चाहूंगा और जब मैं घर लौटूंगा तो मुझे देखना। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों अपनी अमेरिका की यात्रा पर हैं। वहां, प्रवासी भारतीयों के एक कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला था।
पहले वाला देश नहीं रहा भारत, यहां हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन
इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में भारत बहुत बदल चुका है और अब वह पहले वाला देश नहीं रहा जो धीमी गति से भटकाव के साथ आगे बढ़ रहा था। उन्होंने प्रवासी भारतियों से देश की विकास गाथा का हिस्सा बनने का आह्वान किया। ब्रिक्स सम्मलेन के लिए दक्षिण अफ्रीका की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन जयशंकर ने कहा, डिजिटल की बात आती है, तो यकीन से कह सकता हूं कि भारत में जो चीजें मैं देख रहा हूं, वे यूरोप तथा उत्तर अमेरिका में भी नहीं दिखाई देतीं। पिछले 9 वर्षों में भारत में बहुत प्रभावशाली व बड़े बदलाव हुए हैं और हो रहे हैं। भारतीय समुदाय व विदेश में भारत के शुभचिंतकों को इसे समझने की जरूरत है। मोदी सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों पर बल देते हुए कहा, एक आत्मनिर्भर भारत ऐसा संरक्षणवादी देश नहीं है, जो स्वयं को दुनिया के लिए बंद कर रहा है। यह ऐसा है जो वास्तव में भारत में और अधिक निर्माण कर रहा है... दुनिया के लिए और दुनिया के साथ मिलकर अधिक निर्माण कर रहा है।
हमारी विदेश नीति भारतीयों के कल्याण पर केंद्रित
जयशंकर ने कहा कि आज भारतीय विदेश नीति का एक हिस्सा विदेशों में भारतीय नागरिकों के कल्याण को सुरक्षित करने पर केंद्रित है। आज भारतीयों के वैश्वीकरण को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि ऐसे तंत्र स्थापित किए जाएं जो कठिन परिस्थितियों का जवाब दे सकें।
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