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Sri Lanka: दो दिवसीय दौरे पर श्रीलंका पहुंचे जयशंकर, विदेश मंत्री-राष्ट्रपति से मुलाकात की
Thu, 19 Jan 2023 11:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 19 Jan 2023 11:31 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी वार्ता का मुख्य विषय ऋण पुनर्गठन होगा। जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ब्रिज लोन हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
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डॉक्टर एस जयशंकर
- फोटो : Twitter@ S Jaishankar
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विस्तार
भारतीय विदेश मंत्री मालदीव के बाद श्रीलंका पहुंच गए हैं। कोलंबों में विदेश राज्य मंत्री तारका बालासुरिया ने उनका स्वागत किया। यहां वे द्वीप राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ऋण पुनर्गठन योजना को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि श्रीलंका इस समय इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
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विदेश मंत्री जयशंकर ने यहां पहुंचने के तुरंत बाद श्रीलंका के अपने समकक्ष अली साबरी के साथ बातचीत की। जयशंकर ने राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भी मुलाकात की। श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 2.9 अरब डॉलर का ‘ब्रिज लोन’ पाने की कोशिश के साथ चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। आईएमएफ राहत पैकेज को रोक दिया गया है, क्योंकि श्रीलंका इस सुविधा के लिए वैश्विक ऋणदाता की शर्त को पूरा करने के संबंध में कर्ज देने वाले देशों के साथ बातचीत कर रहा है।
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ऋण पुनर्गठन वार्ता का प्रमुख विषय
विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी वार्ता का मुख्य विषय ऋण होगा। जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ब्रिज लोन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह प्रमुख लेनदारों चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। पिछले हफ्ते, श्रीलंका ने जापान के साथ अपनी ऋण पुनर्गठन वार्ता पूरी की।
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रानिल विक्रमसिंघे ने किया था बड़ा एलान
इससे पहले, मंगलवार को द्वीप देश के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा था कि उनकी सरकार ने भारत के साथ अपनी ऋण पुनर्गठन वार्ता को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने संसद में कहा था कि मैं इस सभा को बता सकता हूं कि वार्ता सफल रही है। बहुत जल्द हमारे पास एक जवाब होगा।
वहीं, मंगलवार को भारत के वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रजत कुमार मिश्रा ने आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिवा को जानकारी दी थी कि भारत ने ऋण पुनर्गठन के मुद्दे पर श्रीलंका को समर्थन देने की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि भारत ने पिछले साल कोलंबो को लगभग 4 बिलियन अमरीकी डालर की वित्तीय सहायता दी है। जनवरी 2022 में भारत ने श्रीलंका को 900 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण देने की घोषणा की थी। इसके बाद में भारत ने ईंधन खरीद के लिए श्रीलंका को 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन की पेशकश की थी। इतना ही नहीं, बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत ने क्रेडिट लाइन को बाद में बढ़ाकर 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया।
इससे पहले, एस जयशंकर बुधवार को मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के साथ भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर हनीमाधू इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जिसके बाद भारतीय विदेश मंत्री ने हनीमाधू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पुनर्विकास प्रोजेक्ट को भारत और मालदीव के संबंधों के लिए ऐतिहासिक पड़ाव बताया था।