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Nexperia: डच सरकार की चीनी चिप निर्माता कंपनी पर कार्रवाई, नियंत्रण हाथ में लिया; जानें पूरा मामला

Mon, 13 Oct 2025 07:08 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेग।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेग। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 13 Oct 2025 07:08 PM IST
सार

Nexperia: डच सरकार ने चीन की कंपनी नेक्सपेरिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। सरकार ने कहा कि कंपनी के प्रबंधन में खामियां यूरोप की आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा हो सकती हैं। सरकार ने वस्तु उपलब्धता अधिनियम का इस्तेमाल करते हुए यह कदम उठाया है, जिससे भविष्य में चिप्स की आपूर्ति बनी रहे। 

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Dutch govt takes control of Chinese-owned chipmaker Nexperia over governance shortcomings
सेमीकंडक्टर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

डच सरकार ने चीन के स्वामित्व वाली चिप निर्माता कंपनी नेक्सपेरिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। सरकार ने कहा कि यह एक 'बेहद असाधारण' कदम है। कंपनी की प्रबंधन व्यवस्था (कॉर्पोरेट प्रशासन) में खामियों के चलते यूरोप कीआर्थिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है। 
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डच आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने रविवार देर रात एक बयान जारी किया। जिसमें उसने वस्तु उपलब्धता अधिनियम के तहत नेक्सपेरिया के व्यापार में दखल दिया है। यह कानून बहुत कम मामलों में इस्तेमाल होता है। नेक्सपेरिया सेमीकंडक्टर बनाती है, जो ओटोमोबाइल और उपभोक्ता प्रौद्योगिकी उद्योग में उपयोग होते हैं। यह कंपनी नीदरलैंड के नाइमेखेन शहर में है, लेकिन इसका स्वामित्व चीन की विंगटेक टेक्नोलॉजी के पास है। 
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मंत्रालय ने कहा कि नेक्सपेरिया के प्रबंधन में खामियों की वजह से डच और यूरोपीय क्षेत्रों के जरूरी तकनीकी क्षमताओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने यह भी कहा कि इन क्षमताओं को खोना डट और यूरोप के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। हालांकि, मंत्रालय इसके बारे में विस्तार से कुछ भी नहीं बताया।  
 
सरकार ने इस फैसले जुड़ी बहुत सी जानकारी साझा नहीं की है। लेकिन यह कदम चीन और पश्चिमी देशों के बीच उन तकनीकों को लेकर बढ़ते तनाव को दिखाता है, जो कंप्यूटर चिप जैसी भविष्य की उन्नत तकनीकों से जुड़ी हैं।


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इस कदम पर नेक्सपेरिया ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, विंगटेक ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह व्यापारिक मामलों का राजनीतिकरण करने का सख्त विरोध करता है। विंगटेक ने डट सरकार की इस कार्रवाई को तथ्यों के आधार पर आकलन करने के बजाय भू-राजनीतिक पक्षपात पर आधारित हस्तक्षेप बताया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उठाया गया निराधार कदम है। शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में विंगटेक के शेयर 10 फीसदी गिर गए, जो वहां का दैनिक गिरावट का अधिकतम स्तर है। विंगटेक ने एक्सचेंज को बताया कि यह फैसला अस्थायी रूप से नेक्सपेरिया पर उसके नियंत्रण को सीमित करता है।

डच सरकार ने कहा कि वह ऐसी स्थिति को रोकना चाहती है जिसमें किसी आपात स्थिति में नेक्सपेरिया की चिप की उपलब्धता न हो। साथ ही उसने कहा कि नेक्सपेरिया का नियमित उत्पादन प्रक्रिया जारी रह सकती है। कंपनी ने कहा कि वह कानूनी उपायों को अपनाएगी, कंपनी और उसके शेयरधारकों के अधिकारों और हितों की रक्षा करेगी और संबंधित सरकारी विभागों से संपर्क में है ताकि समर्थन प्राप्त किया जा सके।


 
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