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Poland Drought: सूखे की चपेट में पोलैंड, सबसे लंबी नदी का जलस्तर रिकॉर्ड सबसे निचले स्तर पर पहुंचा
Mon, 09 Sep 2024 09:12 AM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसॉ
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसॉ
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 09 Sep 2024 09:12 AM IST
सार
पोलैंड की अधिकांश नदियां सूख रही हैं। सब पर सूखे की मार पड़ रही है। हम पोलैंड में कुछ समय से सूखे से जूझ रहे हैं। 2015 से लगातार सूखा पड़ रहा है।
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सूखा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पोलैंड में सूखे के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने बताया है कि पोलैंड की सबसे लंबी नदी विस्तुला रविवार को लगभग सूख गई है। सूखे के कारण राजधानी में इसका जलस्तर रिकॉर्ड निम्न जल स्तर पर पहुंच गया है। इतना कम जलस्तर इस नदी में कभी भी नहीं देखा गया।
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हालात 2015 से भी बदतर
IMGW मौसम संस्थान के मुताबिक, वारसॉ के एक मापक स्टेशन पर इसका स्तर 25 सेंटीमीटर (10 इंच) तक गिर गया। यह पिछले रिकॉर्ड से एक सेंटीमीटर अधिक है। संस्थान ने 'एक्स' पर कहा कि यह 2015 से भी बदतर है। पानी का कम होना जारी है। नदी का जलस्तर घटता ही जा रहा है।
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पोलैंड की अधिकांश नदियां सूख रहीं
जल विज्ञानी ग्रेजगोरज वालिजेव्स्की ने पिछले सप्ताह बताया कि पोलैंड की अधिकांश नदियां सूख रही हैं। सब पर सूखे की मार पड़ रही है। हम पोलैंड में कुछ समय से सूखे से जूझ रहे हैं। 2015 से लगातार सूखा पड़ रहा है।
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इसका जिम्मेदार कौन?
उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन इसके लिए जिम्मेदार है। बर्फबारी कम हो रही है। सर्दी का मौसम भी हल्का ही पड़ रहा है। कम दिनों की बारिश और उच्च तापमान के कारण जल स्तर नीचे जाता जा रहा है।
देश को दो भागों में बांटती है नदी
विस्तुला नदी 1,000 किलोमीटर (621 मील) से अधिक लम्बी नदी है। यह यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में सबसे लम्बी नदी है। यह देश को दो भागों में विभाजित करती है और बाल्टिक सागर में गिरती है।
गर्मियों के दौरान धरती का तापमान सबसे ज्यादा
इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस साल की गर्मियों के दौरान धरती का तापमान सबसे ज्यादा रहा। एजेंसी का कहना है कि ये साल मानवता के इतिहास में सबसे गर्म साल रहा। वैज्ञानिकों का कहना है कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह मानव जनित कारणों के अलावा, जलवायु परिवर्तन, अल नीनो प्रभाव और मौसम संबंधी बदलाव हैं।
पिछले साल से भी ज्यादा रहा इस साल का औसत तापमान
कॉपरनिकस के अनुसार, जून, जुलाई और अगस्त में औसत तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस (62.24 डिग्री फ़ारेनहाइट) था। यह 2023 के पुराने रिकॉर्ड से 0.03 डिग्री सेल्सियस (0.05 डिग्री फ़ारेनहाइट) ज्यादा गर्म है। कोपरनिकस के रिकॉर्ड 1940 से ही मौजूद हैं, लेकिन अमेरिकी, ब्रिटिश और जापानी रिकॉर्ड, जो 19वीं सदी के मध्य से शुरू होते हैं, बताते हैं कि पिछले दशक में औसत तापमान सबसे ज्यादा गर्म रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि बीते 1,20,000 वर्षों में यह सबसे ज्यादा तापमान है।