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US-Iran Conflict: ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी; कहा- जहाजों पर फिर हमला हुआ, तो अंजाम बहुत बुरा होगा
Thu, 09 Jul 2026 06:09 AM IST
अमन तिवारी
एएनआई, वॉशिंगटन डीसी
एएनआई, वॉशिंगटन डीसी
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 09 Jul 2026 06:09 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि जहाजों पर हमले जारी रहने पर सैन्य कार्रवाई और तेज होगी। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म होने की घोषणा की है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने व्यापारिक जहाजों पर हमले जारी रखे, तो अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और तेज होगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि यह कार्रवाई ईरान की तरफ से जहाजों पर किए गए हमलों का बदला है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा दोबारा हुआ, तो अंजाम बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने ईरान के चाबहार में अमेरिकी हमलों के बाद की एक तस्वीर भी साझा की।
युद्धविराम खत्म होने की घोषणा
ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म होने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों पर हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने यह कार्रवाई की है। ट्रंप ने कहा, हर बार जब वे हम पर हमला करेंगे, हम उन पर 20 बार हमला करेंगे। तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि ईरान ने समझौते के लिए उनसे संपर्क किया है। हालांकि, ट्रंप ने सवाल उठाया कि क्या ईरान समझौता करने के लायक है।
अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करना है। सेना ने कहा कि अमेरिका व्यापारिक जहाजों और नागरिक कर्मचारियों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता के लिए उसे जिम्मेदार ठहरा रहा है।
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ये भी पढ़ें: 'अपराधी और हत्यारे हैं ट्रंप': अमेरिकी हमलों पर भड़का ईरान, लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप; और क्या कहा?
80 से अधिक ठिकानों पर हमला
इससे पहले सात जुलाई को अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर सटीक हथियारों से हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों और मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नावों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने मार्शल आइलैंड्स के 'एम/टी अल रेकैयात', सऊदी अरब के 'एम/टी वेद्यान' और लाइबेरिया के 'एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी' नामक तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया था। सेना ने इसे युद्धविराम का सीधा उल्लंघन बताया है।
ईरान में धमाके और बिजली गुल
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर चाबहार में बिजली गुल हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया एजेंसी 'इरना' (IRNA) के अनुसार, चाबहार और पास के तटीय शहर कोनारक में लगभग 10 धमाकों की आवाज सुनी गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र वाले बुशहर शहर, अबू मूसा द्वीप और सीरिक के तहरौयी गांव के पास भी धमाकों की खबरें मिली हैं।
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युद्धविराम खत्म होने की घोषणा
ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम खत्म होने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों पर हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने यह कार्रवाई की है। ट्रंप ने कहा, हर बार जब वे हम पर हमला करेंगे, हम उन पर 20 बार हमला करेंगे। तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय ट्रंप ने एयर फोर्स वन विमान में संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि ईरान ने समझौते के लिए उनसे संपर्क किया है। हालांकि, ट्रंप ने सवाल उठाया कि क्या ईरान समझौता करने के लायक है।
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अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करना है। सेना ने कहा कि अमेरिका व्यापारिक जहाजों और नागरिक कर्मचारियों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता के लिए उसे जिम्मेदार ठहरा रहा है।
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80 से अधिक ठिकानों पर हमला
इससे पहले सात जुलाई को अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर सटीक हथियारों से हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटों और मिसाइल क्षमताओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक छोटी नावों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने मार्शल आइलैंड्स के 'एम/टी अल रेकैयात', सऊदी अरब के 'एम/टी वेद्यान' और लाइबेरिया के 'एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी' नामक तीन व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया था। सेना ने इसे युद्धविराम का सीधा उल्लंघन बताया है।
ईरान में धमाके और बिजली गुल
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर चाबहार में बिजली गुल हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया एजेंसी 'इरना' (IRNA) के अनुसार, चाबहार और पास के तटीय शहर कोनारक में लगभग 10 धमाकों की आवाज सुनी गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र वाले बुशहर शहर, अबू मूसा द्वीप और सीरिक के तहरौयी गांव के पास भी धमाकों की खबरें मिली हैं।