Donald Trump: गोपनीय दस्तावेजों के मसले पर ट्रंप के करीबी भी रहते थे चिंतित, पूर्व सहयोगी ने किया ये खुलासा
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रम्प के सहयोगियों का मानना था कि उन्हें राज्य के गोपनीय दस्तावेजों और संवेदनशील रिकॉर्ड के प्रति अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। माइल्स टेलर ने कहा कि उन्होंने प्रेस लीक को रोकने के लिए व्हाइट हाउस के सहयोगियों के फोन टैप करने में डोनाल्ड ट्रम्प की दिलचस्पी के बारे में सुना था। ट्रंप इस बात पर अपने सहयोगियों से नाराज थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एनबीसी न्यूज ने माइल्स टेलर की किताब की एक प्रति के हवाले से खबर दी है कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने संवाददाताओं से बात करते हुए गोपनीय सूचनाओं के संबंधन सावधानी नहीं बरती। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टजेन नीलसन के शीर्ष सहयोगी माइल्स टेलर ने उस घटना को याद किया जब अधिकारी ट्रंप के इस व्यवहार के बाद चिंतित थे। डोनाल्ड ट्रम्प के सहयोगियों का मानना था कि उन्हें राज्य के गोपनीय दस्तावेजों और संवेदनशील रिकॉर्ड के प्रति अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। माइल्स टेलर ने कहा कि उन्होंने प्रेस लीक को रोकने के लिए व्हाइट हाउस के सहयोगियों के फोन टैप करने में डोनाल्ड ट्रम्प की दिलचस्पी के बारे में सुना था। ट्रंप इस बात पर अपने सहयोगियों से नाराज थे।
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने गोपनीय दस्तावेजों के संबंध में लापरवाही दिखाई
माइल्स टेलर ने 18 अक्टूबर 2018 की उस घटना का वर्णन किया है जब वह तत्कालीन डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन के साथ वेस्ट विंग में एक निजी बैठक में मौजूद थे। व्हाइट हाउस की तत्कालीन प्रेस सचिव सारा हकाबी सैंडर्स जॉन बोल्टन के कार्यालय में आईं और उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ओवल ऑफिस में दिए गए एक साक्षात्कार का वर्णन किया जहां उन्होंने तुर्की में सऊदी हत्यारों की ओर सेमारे गए पत्रकार जमाल खशोगी के बारे में पत्रकारों से बात की थी।
ट्रंप के व्यवहार से सकते में आ गए थे सहयोगी
सारा सैंडर्स ने जॉन बोल्टन को बताया कि राष्ट्रपति ने जमाल खशोगी की मौत पर खुफिया जानकारी से संबंधित गोपनीय दस्तावेज उठाए थे और उन्हें प्रदर्शित किया था। किताब में दावा किया गया है कि जॉन बोल्टन पहले तो चिंता में पड़ गए लेकिन जब सारा सैंडर्स ने उन्हें बताया कि कमरे में कोई कैमरा नहीं है तो उन्होंने राहत की सांस ली। माइल्स टेलर लिखते हैं, "फिर भी हम सभी प्रोटोकॉल में चूक और गोपनीय जानकारी के मामले में बरती गई लापरवाही से चिंतित थे।"
जॉन बोल्टन ने इस मुद्दे पर क्या कहा है?
एक साक्षात्कार में, जॉन बोल्टन ने कहा था कि जब डोनाल्ड ट्रम्प को ब्रीफिंग मिलती थी, तो सहयोगी "उन्हें ग्राफिक्स दिखाते थे और यही वह जगह थी जहां उनके द्वारा कुछ पकड़ने और इसे रखने का खतरा था।" जॉन बोल्टन ने कहा, "डोनाल्ड ट्रम्प को उन्हें दी गई सामग्री वापस करने के लिए कहना इतना आसान नहीं था, वह संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति थे।" उन्हें यह कैसे कहा जा सकता था कि "राष्ट्रपति महोदय, चलो स्पष्ट हो जाएं। हमें आप पर भरोसा नहीं है। हमें दस्तावेज वापस दीजिए।"
डोनाल्ड ट्रंप पर क्या हैं आरोप?
डोनाल्ड ट्रम्प को पद छोड़ने के बाद गोपनीय दस्तावेजों को अपने पास रखने से जुड़े आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। 2021 की बातचीत के संपादित प्रतिलिपि में डोनाल्ड ट्रम्प एक संवेदनशील सैन्य दस्तावेज पर भी चर्चा करते दिखाई दिए, उस दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ "हमले की योजना" के से जुड़े एक दस्तावेज का जिक्र किया था। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है और मामले में खुद को निर्दोष बताया है।