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डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के लिए रूढ़िवादी एमी कोनी बैरेट को चुना, बस सीनेट की लगनी है मुहर
Sun, 27 Sep 2020 09:28 AM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 27 Sep 2020 09:28 AM IST
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : PTI
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रूथ बाडेर गिन्सबर्ग के निधन से खाली हुए पद के लिए न्यायाधीश एमी कोनी बैरेट को नामित किया है।
बारेट वर्तमान में 7वें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में न्यायाधीश हैं। इस पद के लिए भी ट्रंप ने 2017 में उन्हें नामित किया था।
ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में घोषणा की, "आज मुझे यह सम्मान मिला है कि मैं अपने देश के सर्वाधिक जहीन और कानून पर बारीक पकड़ रखने वाले शख्स को उच्चतम न्यायालय के लिए नामित करूं। वह विलक्षण उपलब्धियां हासिल कर चुकीं, बेहद ज्ञानवान और संविधान के प्रति निष्ठा रखने वाली न्यायाधीश एमी कोनी बैरेट हैं।"
राष्ट्रपति की अनुशंसा के बाद बैरेट के नाम को सीनेट की मंजूरी मिलनी जरूरी है। तकनीकि रूप से यह मुश्किल नहीं होगा क्योंकि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी और उसके राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी जो बाइडेन नए जज की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में नए जज की नियुक्ति नई सरकार को ही करनी चाहिए।
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राष्ट्रपति चुनाव में 40 से भी कम दिन बचे हैं ऐसे में न्यायाधीश को नामित करने के अपने कदम का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के संविधान के तहत यह उनका सर्वोच्च और सबसे अहम कर्तव्य है।
ट्रंप ने कहा, "वह इस पद के लिए बेहद योग्य हैं और मैं यह आपको बता सकता हूं .....। मैंने देखा और मैंने अध्ययन किया और आप इस नौकरी के लिए बहुत ही योग्य हैं, आप शानदार साबित होंगी।"
एमी कोनी बैरेट इंडियाना राज्य में पति और अपने सात बच्चों के साथ रहती हैं। इस दौरान न्यायाधीश बारेट ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय में सेवाएं देने को ले कर बेहद उत्साहित हैं।
गिन्सबर्ग की जगह भरना आसान नहीं
बैरेट की सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर नियुक्ति होने से वहां गर्भपात कानून में बदलाव की मांग वाले आंदोलन पर फर्क पड़ सकता है। महिला अधिकारों की बुलंद आवाज रहीं दिवंगत जस्टिस गिन्सबर्ग की जगह भरना उनके लिए आसान नहीं होने वाला। एमी को अच्छा लेखक भी माना जाता है। मानवाधिकारों पर भी उन्होंने दलीलें दी हैं। लेकिन, रिपब्लिकन पार्टी का करीबी होना उनके लिए क्या लेकर आएगा, ये कहना फिलहाल मुश्किल है।
ट्रंप ने इसलिए किया बैरेट का चुनाव
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 9 जज होते हैं। किसी अहम फैसले के वक्त यदि इनकी राय 4-4 में विभाजित हो जाती है तो सरकार द्वारा नियुक्त जज का वोट निर्णायक हो जाता है और जज राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता है तो माना ये जाता है कि वो सरकार के पक्ष में ही फैसला देगा।
सुप्रीम कोर्ट के लिए नामांकन काफी लाभकारी है क्योंकि यहां जजों की नियुक्ति लाइफटाइम के लिए होती है और अन्य कोर्टों से अलग यहां के जजों की कोई रिटायरमेंट उम्र नहीं होती। ट्रंप की ओर से इस नाम के पेशकश पर डेमोक्रेट की ओर से कड़ी आपत्ति जताई जा रही है। डेमोक्रेट के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा है कि इस पद के लिए नामांकन 3 नवंबर के चुनावों के विजेता द्वारा किए जाने की जरूरत है।
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बारेट वर्तमान में 7वें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स में न्यायाधीश हैं। इस पद के लिए भी ट्रंप ने 2017 में उन्हें नामित किया था।
ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में घोषणा की, "आज मुझे यह सम्मान मिला है कि मैं अपने देश के सर्वाधिक जहीन और कानून पर बारीक पकड़ रखने वाले शख्स को उच्चतम न्यायालय के लिए नामित करूं। वह विलक्षण उपलब्धियां हासिल कर चुकीं, बेहद ज्ञानवान और संविधान के प्रति निष्ठा रखने वाली न्यायाधीश एमी कोनी बैरेट हैं।"
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राष्ट्रपति की अनुशंसा के बाद बैरेट के नाम को सीनेट की मंजूरी मिलनी जरूरी है। तकनीकि रूप से यह मुश्किल नहीं होगा क्योंकि सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी और उसके राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी जो बाइडेन नए जज की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में नए जज की नियुक्ति नई सरकार को ही करनी चाहिए।
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राष्ट्रपति चुनाव में 40 से भी कम दिन बचे हैं ऐसे में न्यायाधीश को नामित करने के अपने कदम का बचाव करते हुए ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के संविधान के तहत यह उनका सर्वोच्च और सबसे अहम कर्तव्य है।
ट्रंप ने कहा, "वह इस पद के लिए बेहद योग्य हैं और मैं यह आपको बता सकता हूं .....। मैंने देखा और मैंने अध्ययन किया और आप इस नौकरी के लिए बहुत ही योग्य हैं, आप शानदार साबित होंगी।"
एमी कोनी बैरेट इंडियाना राज्य में पति और अपने सात बच्चों के साथ रहती हैं। इस दौरान न्यायाधीश बारेट ने कहा कि वह उच्चतम न्यायालय में सेवाएं देने को ले कर बेहद उत्साहित हैं।
गिन्सबर्ग की जगह भरना आसान नहीं
बैरेट की सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर नियुक्ति होने से वहां गर्भपात कानून में बदलाव की मांग वाले आंदोलन पर फर्क पड़ सकता है। महिला अधिकारों की बुलंद आवाज रहीं दिवंगत जस्टिस गिन्सबर्ग की जगह भरना उनके लिए आसान नहीं होने वाला। एमी को अच्छा लेखक भी माना जाता है। मानवाधिकारों पर भी उन्होंने दलीलें दी हैं। लेकिन, रिपब्लिकन पार्टी का करीबी होना उनके लिए क्या लेकर आएगा, ये कहना फिलहाल मुश्किल है।
ट्रंप ने इसलिए किया बैरेट का चुनाव
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में 9 जज होते हैं। किसी अहम फैसले के वक्त यदि इनकी राय 4-4 में विभाजित हो जाती है तो सरकार द्वारा नियुक्त जज का वोट निर्णायक हो जाता है और जज राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता है तो माना ये जाता है कि वो सरकार के पक्ष में ही फैसला देगा।
सुप्रीम कोर्ट के लिए नामांकन काफी लाभकारी है क्योंकि यहां जजों की नियुक्ति लाइफटाइम के लिए होती है और अन्य कोर्टों से अलग यहां के जजों की कोई रिटायरमेंट उम्र नहीं होती। ट्रंप की ओर से इस नाम के पेशकश पर डेमोक्रेट की ओर से कड़ी आपत्ति जताई जा रही है। डेमोक्रेट के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने कहा है कि इस पद के लिए नामांकन 3 नवंबर के चुनावों के विजेता द्वारा किए जाने की जरूरत है।