अभिनंदन की रिहाई के बाद पाकिस्तान में मचा बवाल, इमरान के फैसले का हो रहा विरोध
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भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को पाकिस्तान ने शुक्रवार को रिहा कर दिया है। अभिनंदन करीब दो दिनों तक पाकिस्तान की हिरासत में रहे हैं। उनकी रिहाई के बाद से ही पाकिस्तान में बवाल शुरू हो गया है। कुछ लोग सरकार के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग इस फैसले के खिलाफ हैं।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस कदम को भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लहजे से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि पाक सरकार में कुछ ऐसे लोग हैं जो इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। विरोध कर रहे सरकार के इन लोगों का कहना है कि अभिनंदन एक हथियार हो सकते थे लेकिन उन्हें आसानी से छोड़ दिया गया।
विदेशी ताकतों का था दबाव
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि सरकार ने अभिनंदन को रिहा करने का फैसला किसी दबाव में आकर नहीं लिया है। बल्कि शांति की पहल के तौर पर लिया है। लेकिन कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने ये फैसला दबाव में आकर लिया है। कहा जा रहा है कि सऊदी अरब और अमेरिका जैसे देशों के दबाव के कारण पाकिस्तान ने ये फैसला लिया है।
सरकार नहीं सेना ने लिया फैसला
रिपोर्ट में लिखा है कि अभिनंदन को रिहा करने का फैसला पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने नहीं बल्कि पाकिस्तान की सेना ने लिया है। सूत्रों का कहना है कि रिहाई का फैसला इमरान खान सरकार का मानना भूल होगी। इस फैसले के पीछे पाकिस्तान की सेना ने मुख्य भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के अंदर की बेचैनी को ध्यान में रखते हुए सेना ने दो काम किए हैं।
इसमें सेना ने जो पहला काम किया है, वह है लाहौर से रवाना होने से पहले अभिनंदन का एक वीडियो शूट करना। इस वीडियो को पाकिस्तान में रिहाई का विरोध कर रहे लोगों को संतुष्ट करने के लिए बनाया गया। करीब एक मिनट चौबीस सेकेंड के इस वीडियो में 30 के करीब कट लगे हैं। जिसमें अभिनंदन पाकिस्तानी सेना की तारीफ कर रहे हैं और भारतीय मीडिया की बुराई करते दिख रहे हैं।
सेना ने जो दूसरा काम किया, वह है अभिनंदन को लाहौर से वाघा लाने में देरी करना। ऐसा इसलिए किया ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि रिहाई के खिलाफ जो लोग हैं वो विरोध प्रदर्शन ना कर रहे हों और कोई अप्रिय घटना ना हो। लोग इसलिए भी विरोध कर रहे हैं कि भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार को कोई माफी वाला खत भी नहीं दिया और पाकिस्तान सरकार ने दो दिन में ही रिहा कर दिया।