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गहराई से जुड़े हैं आपदा जोखिम प्रबंधन और जलवायु कार्रवाई के तार : एंतोनियो गुतारेश

Tue, 15 Oct 2019 10:30 PM IST
आसिम खान यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार Published by: आसिम खान Updated Tue, 15 Oct 2019 10:30 PM IST
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Disaster risk management and climate action are deeply connected says Antonio Guterres
एंटोनियो गुटेरस

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेश ने कहा है कि आपदा जोखिम को कम करने और जलवायु आपदा के नुकसानों के खिलाफ मजबूती हासिल करने के बीच बहुत दमदार आर्थिक दलील है। महासचिव ने आपदा जोखिम प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर ये संदेश दिया है। ये दिवस सोमवार 14 अक्तूबर मनाया जा रहा है। 

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महासचिव ने आपदाओं से होने वाले भीषण नुकसानों की तरफ ध्यान दिलाते हुए कहा कि आपदाओं से दशकों में हासिल की गई प्रगति कुछ ही पलों में तहस-नहस हो सकती है। उन्होंने कहा कि जलवायु आपदा को नुकसानों के खिलाफ मजबूती हासिल करने और आपदा जोखिम प्रबंधन को ही तमाम क्षेत्रों में संसाधन निवेश करते समय केंद्र में रखना होगा। 
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महासचिव ने कहा कि आने वाले दशकों में मकानों, स्कूलों, अस्पतालों और बुनियाद ढांचे के निर्माण में निवेश किए जाने वाली ट्रिलियन डॉलर की भारी-भरकम करते समय ये सभी ध्यान में रखना होगा। यूएन प्रमुख का कहना है कि जलवायु आपदा से निपटने के उपायों में धन निवेश करना इसलिए सही होगा क्योंकि इससे इंसानों की तकलीफें दूर करने में मदद मिलेगी, साथ ही इसके सकारात्मक आर्थिक प्रभाव भी होंगे।
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इससे कामकाज और आमदनी के साधन पैदा होंगे, धन की बचत होगी और हर एक डॉलर का निवेश करने पर कम से कम छह डॉलर की बचत होगी। एंतोनियो गुतारेश ने जलवायु कार्रवाई पर ज्यादा और तुरंत ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि इस संबंध में महत्वाकांक्षाएं बढ़ानी होंगी और आपदा जोखिम प्रबंधन को भी कार्रवाई दशक के केंद्र में जगह देनी होगी।

ये भी ध्यान में रखना होगा कि इन्हीं सब उपायों से टिकाऊ विकास एजेंडा 2030 के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। आपदा जोखिम प्रबंधन के 2019 के अंतरराष्ट्रीय दिवस की थीम महत्वपूर्ण ढांचे को पहुंचने वाले नुकसान व बुनियादी सेवाओं में बाधाओं को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना है। ये थीम 2015 में हुए सेंडाई फ्रेमवर्क के सात लक्ष्यों के संदर्भ में है।

आपदा जोखिम प्रबंधन पर ये महत्वपूर्ण समझौता है जो आपदा जोखिम प्रबंधन विषय पर जापान के सेंडाई में हुए संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन में अपनाया गया था। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन दिवस 1989 से शुरू हुआ था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दुनिया भर में आपदा जोखिम को कम करने के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिए एक वैश्विक माहौल बनाने का आहवान किया था।


इस दिवस पर ये दिखाने की कोशिश जाती है कि दुनिया भर में लोग किस तरह से आपदाओं के जोखिम करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही लोगों के सामने दरपेश तरह-तरह के खतरों और जोखिम के बारे में जागरुकता बढ़ाने की महत्ता पर भी जोर दिया जाता है।

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