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Nimisha Priya: निमिषा प्रिया को क्षमा देने से मृतक के भाई ने किया इनकार; कहा- यह गंभीर अपराध है, उसे फांसी हो

Wed, 16 Jul 2025 08:19 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 16 Jul 2025 08:19 PM IST
सार

यमन में भारतीय नागरिक निमिषा प्रिया की फांसी को फिलहाल टाल दिया गया है, लेकिन मृतक तालाल मेहदी के भाई अब्देलफत्ताह मेहदी ने उन्हें माफ करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे गंभीर अपराध बताया और कहा कि निमिषा को फांसी दी जानी चाहिए। यमन के शरीया कानून के अनुसार, क्षमा का अधिकार मृतक के परिवार के पास ही होता है। हालांकि, बीच ब्लड मनी पर बातचीत जारी है, जिसमें अरबपति एम.ए. यूसुफ अली मदद के लिए तैयार हैं।

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deceased's brother says It's a crime, there can be no pardon for Nimisha Priya
निमिषा प्रिया - फोटो : Social Media

विस्तार

यमन में भारतीय नागरिक निमिषा प्रिया की फांसी टल गई है। निमिषा की फांसी बुधवार यानी 16 जुलाई को तय थी। निमिषा प्रिया की फांसी टालने में केरल के एक मुस्लिम धर्मगुरु ने अहम भूमिका निभाई है। ये मुस्लिम धर्मगुरु हैं कांथापुरम एपी अबुबकर मुसलियार। इसी बीच फांसी टाले जाने पर मृतक तालाल अब्दो मेहदी के भाई की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

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तलाल मेहदी के भाई अब्देलफत्ताह मेहदी ने माफी देने से इनकार कर दिया है। अब्देलफत्ताह का कहना है कि यह एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कोई माफी नहीं हो सकती। निमिषा प्रिया को फांसी दी जानी चाहिए। अब्देलफत्ताह ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय मीडिया इस मामले के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है और दोषी को पीड़िता के रूप में दिखाने की कोशिश कर रही है, जो उन्हें और उनके परिवार के लिए बेहद आपत्तिजनक है।
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सीपीआई(एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने बुधवार को मुसलियार से मुलाकात की। गोविंदन ने बताया,  उन्होंने (एपी अबुबकर मुसलियार) मुझे बताया कि फांसी को रोक दिया गया है और कुछ अन्य पहलुओं पर भी चर्चा चल रही है। यमन के अधिकारी और मृतक का परिवार बातचीत में शामिल हैं। 
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क्षमा का अधिकार परिवार के पास
यमन के शरीया कानून के तहत दोषी को क्षमा करने का अधिकार मृतक के परिवार के पास होता है। हालांकि, परिवार में ही मतभेद उभरने से यह प्रक्रिया जटिल हो गई है। धार्मिक और सरकारी मध्यस्थ इस मुद्दे को हल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।


मामले की अगली कड़ी में ब्लड मनी की बातचीत पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। शरिया कानून के तहत 'ब्लड मनी' मृतक के परिवार को दी जाने वाली आर्थिक क्षतिपूर्ति होती है, जिसके बदले में वे दोषी को क्षमा कर सकते हैं। केरल के अरबपति व्यवसायी एम.ए. यूसुफ अली ने कहा है कि वह इस मामले में जो भी वित्तीय मदद जरूरी हो, देने को तैयार हैं।

ये भी पढें: Kerala: कौन हैं मुफ्ती अबुबकर मुसलियार? जिनकी मदद से यमन में टली निमिषा प्रिया की फांसी

क्या है मामला? 
नर्स निमिषा प्रिया 2008 से यमन में रह रही थीं। उन्होंने एक क्लीनिक शुरू किया था, लेकिन स्थानीय कानून का पालन करने के लिए यमन के नागरिक तलाल अब्दुल मेहदी को साझेदार बनाना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलाल अब्दुल मेहदी ने बाद में निमिषा को परेशान करना शुरू कर दिया था। वह उनका पैसा हड़पने लगा और कथित तौर पर पासपोर्ट भी छीन लिया था। साल 2017 में पासपोर्ट वापस लेने की कोशिश में निमिषा ने तलाल अब्दुल मेहदी को बेहोश करने के लिए एक इंजेक्शन दिया, लेकिन इससे मेहदी की मौत हो गई थी। इसी मामले में निमिषा प्रिया को फांसी की सजा हुई है।

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