फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   CRS report says Indian military cannot operate effectively without Russian supplied equipment

सीआरएस रिपोर्ट में दावा: भारतीय सेना रूसी उपकरणों के बगैर प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकती

Wed, 27 Oct 2021 01:43 PM IST
मुकेश कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 27 Oct 2021 01:43 PM IST
सार

रिपोर्ट में एक ग्राफिक के जरिए दिखाया गया है कि 2015 के बाद से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में रूस से उपकरणों के आयात में लगातार गिरावट आई है।

विज्ञापन
CRS report says Indian military cannot operate effectively without Russian supplied equipment
एस-400 मिसाइल - फोटो : social media

विस्तार

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि भारतीय सेना रूसी आपूर्ति वाले उपकरणों के बिना प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकती और निकट भविष्य में भारत की रूस की हथियार प्रणालियों पर निर्भरता बनी रहेगी। सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट 'रूसी हथियार बिक्री और रक्षा उद्योग' में कहा है, 'भारत और उसके बाहर कई विश्लेषकों का निष्कर्ष है कि भारतीय सेना रूसी उपकरणों के बिना प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकती और निकट भविष्य में रूसी हथियार प्रणालियों पर उसकी निर्भरता जारी रहेगी।' दरअसल, यह रिपोर्ट बाइडन प्रशासन के उस महत्वपूर्ण फैसले से पहले आई है, जिसमें बाइडन प्रशासन को भारत की रूस से सैन्य हथियार की खरीद को सीमित करना होगा।

विज्ञापन


अपनी रिपोर्ट में सीआरएस ने कहा कि 2016 से चल रही रूस निर्मित वायु रक्षा प्रणाली एस-400 को खरीदने की भारत की योजना पर अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट (सीएएटीएसए) की धारा 231 के तहत अमेरिकी रोक लग सकती है। इस कानून के तहत अमेरिका अपने सभी सहयोगियों और साझेदारों से, रूस से किसी भी प्रकार के सैन्य लेन-देन को तत्काल रोकने का आग्रह करता है और ऐसा न होने पर इन देशों को अमेरिका द्वारा अपने प्रतिद्वंद्वियों के विरोध हेतु बनाए गए दंडात्मक सीएएटीएसए का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 के बाद से रूस सभी भारतीय हथियारों के लगभग दो-तिहाई (62 प्रतिशत) आयात का स्रोत रहा है और भारत सबसे बड़ा रूसी हथियार आयातक रहा है, जिसकी रूसी हथियार निर्यात लगभग एक-तिहाई (32 प्रतिशत) हिस्सेदारी है।
विज्ञापन


सीआरएस स्वतंत्र विषयों के विशेषज्ञों के जरिए विभिन्न मुद्दों पर समय-समय पर रिपोर्ट तैयार करता है। इसकी रिपोर्टें कांग्रेस की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं हैं और सांसदों को निर्णय लेने में मदद करने के लिए तैयार की जाती है। रिपोर्ट में एक ग्राफिक के जरिए दिखाया गया है कि 2015 के बाद से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में रूस से उपकरणों के आयात में लगातार गिरावट आई है। सीआरएस ने कहा कि हाल की मीडिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि भारत एस-400 को शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है जिसकी पहली आपूर्ति 2021 में निर्धारित है और जिसे 2023 की शुरुआत तक पूरा किया जाएगा। इसने कहा कि अगस्त 2021 में रूसी अधिकारियों ने बताया कि एस-400 की आपूर्ति 2021 के अंत तक शुरू हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed