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भारत-पाक के बीच हुआ परमाणु युद्ध तो मरेंगे 10 करोड़ लोग, पूरी दुनिया में पड़ेंगे खाने के लाले

Wed, 18 Mar 2020 12:52 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 18 Mar 2020 12:52 AM IST
सार

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच की कड़वाहट यदि परमाणु युद्ध में बदली तो उसका पूरी दुनिया को भयावह अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। एक अध्ययन में कहा गया है कि अगर ऐसा होता है तो 10 करोड़ लोगों की तत्काल जान जाएगी वही, पूरी दुनिया में फसलों का उत्पादन करीब एक दशक तक प्रभावित रहेगा।

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crores of people will die if nuclear war happens between India and Pakistan
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

साइंस जर्नल पीएनएएस में प्रकाशित अपनी तरह के पहले अध्ययन में दावा किया गया है कि दोनों देशों के पास मौजूद परमाणु हथियारों का महज एक फीसदी हिस्सा भी 10 करोड़ लोगों की तत्काल जान लेने के अलावा वैश्विक स्तर पर आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े खाद्यान्न संकट का कारण बन सकता है। इससे लोगों के खाने के लाले पड़ जाएंगे और करोड़ों लोगों की जान भूख के कारण चली जाएगी।

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अध्ययन में कहा गया है कि दोनों के बीच परमाणु युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर तापमान में गिरावट के अलावा बेहद कम बारिश और सूरज की धूमिल रोशनी जैसे बुरे प्रभाव होंगे। इसका बड़ा असर फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा।  पहले साल में ही खाद्यान्न उत्पादन 12 फीसदी गिर जाएगा, जो किसी भी ऐतिहासिक सूखे के चलते हुई खाने की कमी से चार गुना ज्यादा बड़ा आंकड़ा होगा। यह असर करीब एक दशक तक पूरे विश्व के खाद्यान्न उत्पादन और व्यापार को प्रभावित करता रहेगा।
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यह अध्ययन अमेरिका की रटजर्स यूनिवर्सिटी- न्यू ब्रून्सविक के शोधकर्ताओं के आकलन पर आधारित है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसका असर 21वीं सदी के आखिर तक मानवजनित जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से कहीं ज्यादा होगा। उनका मानना है कि वैसे तो कृषि उत्पादकता पर वैश्विक तापमान में वृद्धि का व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है, लेकिन तापमान में अचानक गिरावट के वैश्विक फसल वृद्धि पर प्रभाव की जानकारी फिलहाल बेहद कम स्तर पर है।

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तत्काल किया जाए परमाणु हथियारों का अंत

इस अध्ययन में अपना योगदान देने वाले प्रोफेसर एलेन रोबोक ने कहा, हमारे नतीजे से इस वजह को बल मिलता है कि परमाणु हथियारों का अवश्य ही सफाया किया जाना चाहिए, क्योंकि यदि वे बने रहे तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता है और दुनिया के लिए इसके परिणाम त्रासद हो सकते हैं।

ऐसे भयावह होंगे प्रभाव

  • 100 परमाणु हथियार इस्तेमाल हुए तो भी भयानक होगी स्थिति
  • 10 करोड़ लोग परमाणु युद्ध चालू होते ही मारे जाएंगे दोनों देश में
  • 1.6 करोड़ टन काला धुआं पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में जम जाएगा
  • 50 लाख टन धुएं का आकलन था करीब एक दशक पहले
  • 05 साल के लिए पृथ्वी का तापमान हो जाएगा शीत बिंदु के करीब
  • 1.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है पृथ्वी का तापमान तब
  • 08 फीसदी तक घटेगी बारिश, सूरज की रोशनी भी पहुंचेगी बेहद कम

 

चार सबसे अहम फसलों पर प्रभाव

  • 90 फीसदी तक घट जाएगा वैश्विक अनाज उत्पादन
  • 13 फीसदी घटेगा 5 साल में मक्का का उत्पादन
  • 11 फीसदी गेहूं, 3 फीसदी चावल की फसल पर प्रभाव
  • 17 फीसदी तक कम हो जाएगा सोयाबीन उत्पादन
  • 71 देशों में 20 फीसदी घटेगी मक्का-गेहूं की उपलब्धता
  • 1.3 अरब लोग प्रभावित होंगे इन 71 देशों में इससे

 

दोनों देशों के पास परमाणु हथियार

भारत - 135
पाक - 145
(अंतरराष्ट्रीय हथियार निगरानी संस्था सिपरी का अनुमान)

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