फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Criticism of President Joe Biden China policy in America

बाइडन की चीन नीति पर अमेरिका में बढ़ा असमंजस: ड्रैगन को घेरना भी चाहते हैं और नाम भी नहीं लेना चाहते

Thu, 16 Sep 2021 03:01 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 16 Sep 2021 03:01 PM IST
सार

अमेरिकी विश्लेषकों का कहना है कि चीन में अमेरिकी अधिकारियों को अपमानित होना पड़ा है। दो हफ्ते पहले राष्ट्रपति बाइडन के जलवायु दूत जॉन केरी चीन गए, तो वहां उन्हें भी अपमान झेलना पड़ा। चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। व्यक्तिगत रूप से उन्हें मिलने के लिए चीन ने जूनियर अधिकारियों को भेज दिया।

विज्ञापन
Criticism of President Joe Biden China policy in America
यूएस और चीन का झंडा - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन की चीन नीति की आलोचना तेज होती जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि बाइडन की नीति एक ही केक को खाने और उसे बचा कर भी रखने की कोशिश जैसी है। वे चीन को घेरना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए होने वाली पहल में खुल कर चीन का नाम लेना नहीं चाहते। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ बने ताजा त्रिगुट के सिलसिले में भी यही बात जाहिर हुई है।

विज्ञापन


गुरुवार को (भारतीय समय के अनुसार) अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने मिल कर त्रिगुट बनाने का एलान किया। इसके तहत अमेरिका और ब्रिटेन परमाणु हथियार क्षमता से लैस पनडुब्बियां बनाने में ऑस्ट्रेलिया की मदद करेंगे। एक ऑनलाइन वीडियो वार्ता बाइडन, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई पनडुब्बियां इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। लेकिन तीनों में से किसी नेता ने खुल कर चीन का नाम नहीं लिया। यह नहीं कहा कि इस पहल का मकसद दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को रोकना है।
विज्ञापन


अमेरिकी मीडिया में छपी टिप्पणियों में कहा गया है कि इस पहल का मकसद क्या है, यह किसी से छिपा नहीं है। इसलिए अमेरिका ने भले सीधे चीन का नाम न लिया हो, लेकिन इस पर चीन कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करेगा। वेबसाइट एक्सियोस.कॉम के मुताबिक ताजा पहल का औपचारिक एलान से कुछ देर पहले बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी। उस वरिष्ठ अधिकारी से यह पूछा गया कि प्रशासन खुल कर क्यों नहीं कह रहा है कि इस पहल में ध्यान चीन पर केंद्रित है। इसके जवाब में अधिकारी ने कहा- ‘मैंने जितना कहा है, उससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना है। इस पहल का निशाना कोई एक देश नहीं है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विश्लेषकों के मुताबिक जो बाइडन ने अपने नजरिए की व्याख्या चीन के साथ ‘चरम प्रतिस्पर्धा’ कह कर की है। लेकिन ये साफ है कि चीन ने इसे स्वीकार नहीं किया है। बाइडन की समझ यह है कि चीन के साथ अमेरिकी रुख को अलग-अलग श्रेणियों में बांट कर देखा जा सकता है। इसके तहत चीन सरकार के समर्थन होने से वाली हैकिंग, शिनजियांग में कथित मानवाधिकार दमन, कथित अनुचित व्यापार व्यवहार आदि के प्रति अमेरिका सख्त रुख रखेगा। लेकिन वह जलवायु परिवर्तन जैसे मसलों पर चीन के साथ सहयोग भी करेगा।

लेकिन अमेरिकी विश्लेषकों का कहना है कि ये समझ कारगर साबित नहीं हुई है। इसका नतीजा हुआ है कि अमेरिकी अधिकारियों को अपमानित होना पड़ा है। दो हफ्ते पहले राष्ट्रपति बाइडन के जलवायु दूत जॉन केरी चीन गए, तो वहां उन्हें भी अपमान झेलना पड़ा। चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। व्यक्तिगत रूप से उन्हें मिलने के लिए चीन ने जूनियर अधिकारियों को भेज दिया। जबकि जुलाई में तालिबान के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए चीन के वरिष्ठ अधिकारी गए थे।

बाइडन प्रशासन भी अब यह स्वीकार कर रहा है कि चीन के साथ संबंधों में कोई प्रगति नहीं हो रही है। इसीलिए पिछले गुरुवार को जो बाइडन ने अपनी पहल पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बात की। लेकिन उस दौरान भी कोई प्रगति होने के संकेत नहीं हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ने फोन इसलिए किया, ताकि चीन के साथ प्रतिस्पर्धा टकराव का रूप न ले।

इस बारे में सीआईए के पूर्व अधिकारी क्रिस जॉनसन ने कहा है- ‘अगर राष्ट्रपति बाइडन शी जिनपिंग को यह संदेश देना चाहते हैं कि हम टकराव को हाथ से नहीं निकलने देना चाहते, लेकिन साथ ही वे चीन पर सैनिक दबाव भी बढ़ाना चाहते हैं, तो साफ है कि बातचीत कहीं आगे नहीं बढ़ेगी।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed