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अंतरिक्ष मिशन पर जाते हुए रॉकेट हुआ खराब तो क्रू-ड्रैगन बचाएगा जान

Mon, 20 Jan 2020 06:18 AM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: आसिम खान Updated Mon, 20 Jan 2020 06:18 AM IST
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Crew-Dragon will save lives if the rocket gets deficient while going on a space mission
सांकेतिक तस्वीर

अंतरिक्ष मिशन पर भेजे जा रहे नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को रॉकेट में खराबी आने पर आपात हालात में सकुशल जमीन पर उतारने के लिए अमेरिकी कंपनी स्पेस एक्स ने रविवार को सफल परीक्षण किया। अमेरिका में फ्लोरिडा के जॉन एफ कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से रॉकेट फाल्कन 9 के जरिए यह ‘अबॉर्ट-परीक्षण’ किया गया। इसमें यात्रियों को रखने वाले क्रू-ड्रैगन कैप्सूल को जानबूझ कर खराब किए रॉकेट से सफलतापूर्वक बचाया गया।

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ऐसे हुआ परीक्षण
अमेरिकी समय अनुसार सुबह 10:30 बजे हुए प्रक्षेपण के बाद 10 मील की ऊंचाई पर पहुंचते ही रॉकेट के इंजन बंद कर दिए गए। उड़ान के 84 सेकंड बाद रॉकेट से क्रू ड्रैगन कैप्सूल कोअलग किया गया। इस कैप्सूल में अपना इंजन लगा था। आवाज से तेज गति से अंतरिक्ष की ओर बढ़ रहे फाल्कन एक्स से अलग होते समय क्रू ड्रैगन खुद को करीब 10 सेकंड तक दूर ले गया। यहां से यह चार पैराशूट के जरिए फ्लोरिडा के निकट अंटलांटिक महासागर की ओर बढ़ा और करीब 09:02 मिनट में महासागर में सुरक्षित रूप में उतरा। इसे बचाव दल ने बाहर निकाला।
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फिर से उपयोग हो सकता है फॉल्कन 9, लेकिन इस बार खत्म
खास बात है कि फाल्कन 9 रॉकेट फिर से उपयोग होने के लिए बनाया गया है। रविवार को परीक्षण में शामिल रॉकेट इससे पहले तीन बार अंतरिक्ष में उड़ान भर चुका है। लेकिन इस बार चूंकि रॉकेट के हादसे में अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने परीक्षण था, इसलिए क्रू ड्रैगन के अलग होने के बाद रॉकेट को जानबूझकर खत्म कर दिया गया। यह आकाश में एक आग के गोले में बदल गया। स्पेसएक्स इसके मलबे को जमा करेगी जो रॉकेट हादसों पर शोध में काम आएगा।
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स्पेस स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए परीक्षण
नासा ने प्राइवेट सेक्टर कंपनियों को ऐसा अंतरिक्ष यान बनाने के लिए आमंत्रित किया है जो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) ले जाने के लिए सुरक्षित हो। उसका अपना शटल प्रोग्राम 2011 में खत्म हो चुका है। जाने माने उद्यमी इलोन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स को 206 करोड़ डॉलर और बोइंग कंपनी को 402 करोड़ डॉलर 2014 में इस काम के लिए दिए गए थे। बोइंग द्वारा किए गए स्टार लाइनर यान के परीक्षण विफल रहे थे। 


वहीं स्पेस एक्स के परीक्षण अब तक सफल रहे हैं। फिलहाल अमेरिका अपने नागरिकों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए रूस के सोयूज कैप्सूल का उपयोग कर रहा है। यह खर्चीला साबित हो रहा है। परीक्षण के बाद हुई प्रेस वार्ता में इलोन मस्क ने एक सुरक्षा सिस्टम भी प्रदर्शित किया, जिसके तहत विशाल जाल लगाकर महासागर में गिर रहे कैप्सूल को कैच किया जा सकेगा।

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