{"_id":"5cab5cf5bdec2214787e46ce","slug":"cpec-will-not-increase-debt-burden-on-pakistan-but-will-strengthen-economy-china","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीपीईसी पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ नहीं बढ़ाएगा बल्कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा : चीन","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
सीपीईसी पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ नहीं बढ़ाएगा बल्कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा : चीन
Mon, 08 Apr 2019 08:08 PM IST
अमर शर्मा
भाषा, बीजिंग
भाषा, बीजिंग
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 08 Apr 2019 08:08 PM IST
विज्ञापन
सीपीईसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) से पाकिस्तान का आर्थिक जोखिम गहरा होने की आलोचना को चीन ने सोमवार को खारिज कर दिया। चीन ने कहा कि इस पहल के तहत विकसित की जा रही 20 फीसदी से भी कम परियोजनाओं में चीन के ऋण का उपयोग हो रहा है।
सीपीईसी, चीन के शिनजियांग प्रांत को बलूचिस्तान के ग्वादर हवाईअड्डे को जोड़ने की परियोजना है। 60 अरब डॉलर की यह परियोजना चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (बीआरआई) का हिस्सा है।
चीन के बीआरआई परियोजना पर आगे बढ़ने के साथ ही इसकी कड़ी आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि चीनी परियोजनाएं उनकी व्यावहारिकता का पर्याप्त अध्ययन किए बगैर भारी ब्याज दर पर निर्मित की जा रही हैं। इससे छोटे देश भारी कर्ज में डूब जाएंगे।
विज्ञापन
भारत ने भी सीपीईसी परियोजना का विरोध किया है क्योंकि यह विवादित पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरती है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने सोमवार को कहा कि सीपीईसी नए दौर में चीन और पाकिस्तान के सहयोग का प्रतीक है और बीआरआई की एक महत्वपूर्ण पायलट परियोजना भी।
उन्होंने कहा, ''मौजूदा सीपीईसी परियोजनाओं में 20 प्रतिशत से भी कम चीन के ऋण से विकसित हो रही हैं। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक परियोजनाओं में या तो चीन ने सीधे निवेश किया है या चीनी अनुदान का उपयोग किया गया है।''
कांग ने कहा कि इससे पाकिस्तान का बोझ नहीं बढ़ेगा। बल्कि यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे और बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाएगा। पाकिस्तान की सरकार और वहां के लोगों ने इसका स्वागत किया है।
विज्ञापन
सीपीईसी, चीन के शिनजियांग प्रांत को बलूचिस्तान के ग्वादर हवाईअड्डे को जोड़ने की परियोजना है। 60 अरब डॉलर की यह परियोजना चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (बीआरआई) का हिस्सा है।
विज्ञापन
चीन के बीआरआई परियोजना पर आगे बढ़ने के साथ ही इसकी कड़ी आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि चीनी परियोजनाएं उनकी व्यावहारिकता का पर्याप्त अध्ययन किए बगैर भारी ब्याज दर पर निर्मित की जा रही हैं। इससे छोटे देश भारी कर्ज में डूब जाएंगे।
विज्ञापन
भारत ने भी सीपीईसी परियोजना का विरोध किया है क्योंकि यह विवादित पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरती है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने सोमवार को कहा कि सीपीईसी नए दौर में चीन और पाकिस्तान के सहयोग का प्रतीक है और बीआरआई की एक महत्वपूर्ण पायलट परियोजना भी।
उन्होंने कहा, ''मौजूदा सीपीईसी परियोजनाओं में 20 प्रतिशत से भी कम चीन के ऋण से विकसित हो रही हैं। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक परियोजनाओं में या तो चीन ने सीधे निवेश किया है या चीनी अनुदान का उपयोग किया गया है।''
कांग ने कहा कि इससे पाकिस्तान का बोझ नहीं बढ़ेगा। बल्कि यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। यह पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे और बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाएगा। पाकिस्तान की सरकार और वहां के लोगों ने इसका स्वागत किया है।