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उत्तर कोरिया में कोरोना का पहला संदिग्ध मरीज मिला, किम ने दक्षिण कोरिया से सटे शहर में लगाया आपातकाल

Sun, 26 Jul 2020 12:37 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, सियोल
पीटीआई, सियोल Published by: देव कश्यप Updated Sun, 26 Jul 2020 12:37 PM IST
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COVID19 suspicious patient found in North Korea after 7 month of epidemic Kim Jong-un put emergency in Kaesong
किम जोंग उन - फोटो : ANI

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वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से इस समय पूरी दुनिया जूझ रही है। वहीं, कोरोना महामारी शुरू होने के करीब सात महीने बाद उत्तर कोरिया में संक्रमण का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए तानाशाह किम जोंग उन ने साउथ काेरिया से सटे केसोंग शहर को लॉकडाउन करने का आदेश दिया है।

मामले का पता चलते ही उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने शनिवार को पोलित ब्यूरो की इमरजेंसी बैठक बुलाई। किम जोंग उन ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह क्रूर वायरस देश में घुस गया है। सरकारी मीडिया ने रविवार को बताया कि एक व्यक्ति में कोविड-19 के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं।

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अगर इस व्यक्ति को आधिकारिक रूप से संक्रमित घोषित किया जाता है तो यह उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस का पहला पुष्ट मामला होगा। उत्तर कोरिया लगातार यह कहता रहा है कि उसके देश में संक्रमण का एक भी मामला नहीं है। हालांकि विदेशी विशेषज्ञ उसके इस दावे पर सवाल उठाते रहे हैं।
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कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा शुक्रवार दोपहर को की गई। यह संदिग्ध मामला ऐसे शख्स का है जो बरसों पहले दक्षिण कोरिया भाग गया था और गत सप्ताह गैरकानूनी रूप से सीमा पार कर उत्तर कोरिया में घुसा। केसीएनए ने बताया कि जांच से पता चलता है कि यह व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकता है।

उसने बताया कि संदिग्ध मरीज और पिछले पांच दिनों में केसोंग में उसके संपर्क में आए लोगों को पृथकवास में रखा गया है। वायरस विरोधी प्रयासों को राष्ट्रीय अस्तित्व का मामला बताते हुए उत्तर कोरिया ने इस साल की शुरुआत में सभी सीमाओं को बंद कर दिया था, विदेशी पर्यटकों पर पाबंदी लगा दी थी और स्वास्थ्य कर्मियों से किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर उसे पृथकवास में रखने को कहा गया था।

केसोंग में लगाया गया लॉकडाउन देश में पहला ऐसा कदम है जो इस संक्रमण को रोकने के लिए उठाया गया है। विदेशी विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस फैलने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं, क्योंकि उसकी स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत जर्जर है और उसके पास चिकित्सा सामान का अभाव है। करीब दो लाख लोगों की आबादी वाला केसोंग शहर दक्षिण कोरिया के साथ लगती सीमा के उत्तर में स्थित है।

पोलित ब्यूरो की आपात बैठक में आपात स्थिति की घोषणा 
केसीएनए के अनुसार शनिवार को पोलित ब्यूरो की आपात बैठक में किम ने केसोंग इलाके में आपात स्थिति की घोषणा भी की। उसने किम के हवाले से कहा कि 'यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें क्रूर वायरस के देश में प्रवेश करने की आशंका है।’


एजेंसी ने बताया कि किम ने कहा कि 'उन्होंने 24 जुलाई के बाद से केसोंग शहर को पूरी तरह बंद करके और हर जिले एवं क्षेत्र का एक-दूसरे से संपर्क समाप्त करके रोकथाम संबंधी कदम उठाया है।’ बैठक में सीमावर्ती इलाके पर सुरक्षाकर्मियों की चूक पर भी चर्चा की गई, जिसके चलते संदिग्ध मरीज सीमा पार करके उत्तर कोरिया में घुसा। दक्षिण कोरिया सरकार ने अभी उत्तर कोरिया की घोषणा पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

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