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Covid 19: कोविड के बाद 850 दिन वेंटिलेटर पर रहे अमेरिकी नागरिक मार्क लेविटिन, दावे का कोई पुख्ता आधार नहीं
Sun, 11 Sep 2022 07:11 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, न्यूयॉर्क सिटी।
एजेंसी, न्यूयॉर्क सिटी।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 11 Sep 2022 07:11 AM IST
सार
डॉक्टरों के अनुसार, मार्क फेफड़ों के कैंसर और स्ट्रोक से भी गुजर चुके थे और बोल नहीं पाते। 25 मार्च 2020 को लेविटिन कोरोना संक्रमित पाए गए। उनका ऑक्सीजन लेवल 85 तक गिर गया। उनके बेटे ने बताया कि अस्पताल में दाखिले के छह दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और फिर वे कोमा में चले गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
अमेरिकी चिकित्सकों का दावा है कि कोविड संक्रमण की वजह से 76 साल के मार्क लेविटिन सबसे लंबे समय वेंटिलेटर पर रहने वाले व्यक्ति हैं। मैनहेटन में स्टोर संचालक रहे मार्क ने संक्रमण से उबरने के बाद 850 दिन वेंटिलेटर पर अपना बाकी जीवन जिया। जुलाई में उनकी मौत हो चुकी है। हालांकि इस दावे का कोई पुख्ता आधार नहीं है।
डॉक्टरों के अनुसार, मार्क फेफड़ों के कैंसर और स्ट्रोक से भी गुजर चुके थे और बोल नहीं पाते। 25 मार्च 2020 को लेविटिन कोरोना संक्रमित पाए गए। उनका ऑक्सीजन लेवल 85 तक गिर गया। उनके बेटे ने बताया कि अस्पताल में दाखिले के छह दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और फिर वे कोमा में चले गए।
परिवार ने गुडबाय कहने के बजाय लड़ने को प्रेरित किया
डॉक्टरों ने तो परिवार को विकल्प भी दे रखा कि उन्हें मॉर्फीन (दर्द निवारक) देकर प्राकृतिक मौत मरने दिया जाए। लेकिन परिवार ने जीने के लिए प्रेरित किया।
और फिर वेंटिलेटर पर बाकी जीवन...
मार्क इतने कमजोर हो चुके थे कि उन्हें वेंटिलेटर से बाहर नहीं निकाला गया। इस प्रकार करीब 850 दिन वेंटिलेटर पर गुजारने के बाद इसी साल 23 जुलाई को उनकी मौत हो गई।
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डॉक्टरों के अनुसार, मार्क फेफड़ों के कैंसर और स्ट्रोक से भी गुजर चुके थे और बोल नहीं पाते। 25 मार्च 2020 को लेविटिन कोरोना संक्रमित पाए गए। उनका ऑक्सीजन लेवल 85 तक गिर गया। उनके बेटे ने बताया कि अस्पताल में दाखिले के छह दिन बाद वेंटिलेटर पर रखा गया और फिर वे कोमा में चले गए।
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परिवार ने गुडबाय कहने के बजाय लड़ने को प्रेरित किया
डॉक्टरों ने तो परिवार को विकल्प भी दे रखा कि उन्हें मॉर्फीन (दर्द निवारक) देकर प्राकृतिक मौत मरने दिया जाए। लेकिन परिवार ने जीने के लिए प्रेरित किया।
और फिर वेंटिलेटर पर बाकी जीवन...
मार्क इतने कमजोर हो चुके थे कि उन्हें वेंटिलेटर से बाहर नहीं निकाला गया। इस प्रकार करीब 850 दिन वेंटिलेटर पर गुजारने के बाद इसी साल 23 जुलाई को उनकी मौत हो गई।
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