{"_id":"5e7598e08ebc3e76987d7850","slug":"coronavirus-us-vice-president-mike-pence-team-member-infected","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्हाइट हाउस पहुंचा कोरोना वायरस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस की टीम का एक सदस्य संक्रमित","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
व्हाइट हाउस पहुंचा कोरोना वायरस, अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस की टीम का एक सदस्य संक्रमित
Sat, 21 Mar 2020 10:02 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Sat, 21 Mar 2020 10:02 AM IST
विज्ञापन
तैयब एर्दोआन और माइक पेंस
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने कई दशकों के सबसे बड़े स्वास्थ्य संकट से लड़ने के लिए अपने आपात और राहत कदमों को शुक्रवार को तेज कर दिया। कोरोना वायरस से अमेरिका में मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार शाम तक इस जानलेवा विषाणु ने 230 से अधिक अमेरिकियों की जान ले ली और संक्रमित लोगों की संख्या 18,000 को पार कर गई है जिनमें 50 घंटों से भी कम समय में 10,000 से अधिक नए मामले शामिल हैं।
विज्ञापन
इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस की टीम का एक सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। इसके साथ ही व्हाइट हाउस के कर्मचारी में इस संक्रमण का यह पहला मामला है। उपराष्ट्रपति की प्रेस सचिव कैटी मिलर ने एक बयान में कहा, ‘आज हमें सूचना मिली कि उपराष्ट्रपति के कार्यालय का एक सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है।’
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि न तो राष्ट्रपति और न ही उपराष्ट्रपति इस सदस्य के करीबी संपर्क में रहे। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है और अपने सशस्त्र बलों को कोरोना वायरस से लड़ने के काम में लगा दिया जो अब जंगल की आग की तरह फैल रहा है। न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और कैलिफोर्निया इस संक्रामक रोग से सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं।
विज्ञापन
वाशिंगटन में अब तक सबसे अधिक 74 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमित लोगों की संख्या 1400 से अधिक पहुंच गई है। न्यूयॉर्क में 39 लोगों की मौत और 7,010 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। कैलिफोर्निया में 21 लोग जान गंवा चुके है और 1,000 से अधिक लोग संक्रमित हैं। करीब चार करोड़ की आबादी वाले राज्य ने सभी को घरों में रहने का आदेश दिया है।
देश में सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने वाला कैलिफोर्निया का योशमिते राष्ट्र उद्यान कोरोना वायरस संकट के कारण पर्यटकों के लिए शुक्रवार को बंद कर दिया गया। न्यूयॉर्क ने भी अपने निवासियों को जितना संभव हो सके उतना घर में रहने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि वह वेंटिलेटर्स और मास्क का उत्पादन बढ़ाने के लिए कोरिया युद्ध काल के कानून के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना शुरू करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘मैंने रक्षा उत्पादन अधिनियम बहाल कर दिया है और गत रात हम तैयारी में जुट गए।’ उन्होंने कहा, ‘हम छोटे उद्योगों और राज्यों को ऐतिहासिक सहयोग मुहैया करा रहे हैं... हमने वह कानून लागू कर दिया है जिसमें नियोक्ताओं पर बोझ डाले बिना कर्मचारियों के लिए सवैतनिक अवकाश की गारंटी है। हम दवाई के नए उपचार का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं। हम कड़ी मेहनत कर रहे परिवारों को सीधा भुगतान करने के लिए एक कानून पर काम कर रहे हैं।’’
अमेरिका 21 मार्च से सभी गैर आवश्यक यात्राओं के लिए मैक्सिको और कनाडा के साथ अपनी सीमा बंद करेगा। साथ ही अमेरिका ने कहा कि वह मैक्सिको के साथ लगती दक्षिणी सीमा पर पकड़े गए विदेशी नागरिकों को उनके देश भेजेगा। इनमें कोरोना वायरस के कुछ संदिग्ध मरीज भी हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग मैक्सिको और अन्य लातिन अमेरिकी देशों से हैं जबकि अन्य लोग भारत समेत दुनियाभर के बताए जा रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने छात्रों द्वारा लिए कर्ज पर सभी ब्याज को अस्थायी तौर पर माफ कर दिया है। देशभर में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से लड़ने के लिए डॉक्टर और नर्सें लगातार बिना रुके काम कर रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि नागरिक और गिरजाघर जरूररमंदों को भोजन खिला रहे हैं। वहीं, अमेरिका ने घातक कोरोना वायरस पर तकनीकी विशेषज्ञों के साथ सूचना साझा करने में ‘विलंब’ के लिए चीन की आलोचना की।
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमें फौरन जानने की जरूरत थी। दुनिया को जानने का हक है। चीन सरकार को दुनिया में सबसे पहले इस खतरे के बारे में पता चला और इससे उन पर दायित्व बढ़ता है कि वह हमारे वैज्ञानिकों, पेशेवरों के साथ जानकारी साझा करें।’ दूसरी ओर अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजर ने पत्रकारों का बताया कि चीन ने जनवरी में कोरोना वायरस के बारे में उनके देश को सूचित किया था।
अजर ने कहा, ‘चीन के वायरस को लेकर डब्ल्यूएचओ को सूचित करने के दो हफ्तों के भीतर हमने वुहान से आ रहे यात्रियों की जांच शुरू कर दी थी। तब चीन में केवल 45 मामले सामने आए थे। जैसे ही महामारी फैली तो राष्ट्रपति ने चीन, ईरान और यूरोप से आने वाले यात्रियों पर पाबंदी लगा दी। हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रयासों से विषाणु को हमारे देश में कम फैलने में मदद मिली।’