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कोरोना वायरस के प्रकोप से दूर है यह देश, भारतीय फिल्मों के दिवाने हैं यहां के लोग
Sat, 11 Apr 2020 01:47 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अशगाबात
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अशगाबात
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 11 Apr 2020 01:47 PM IST
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कोरोना से मुक्त हैं इस देश के लोग
- फोटो : File
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पूरी दुनिया में जहां कोरोना वायरस का प्रकोप फैला हुआ है। वहीं कुछ ही देश ऐसे हैं जो इसके संक्रमण से दूर हैं। ऐसा ही देश है तुरकमेनिया। यह देश उत्तर कोरिया की तरह दुनिया से काफी कटा हुआ है। मगर हाल के सालों में यहां मीडिया पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। इस देश की खास बात यह है कि यहां लोगों को प्राकृतिक गैस सहित तमाम सुविधाएं मुफ्त में मिलती हैं। हालांकि नागरिकों को कानूनी रूप से सीमित अधिकार देने की वजह से इसे आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।
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सोवियत संघ से अलग होकर बना था देश
मध्य एशिया में स्थित इस तुर्किक देश को तुरकमेनिया के नाम से भी जाना जाता है। यह 1991 तक सोवियत संघ का घटक गणतंत्र था। 27 अक्तूबर 1991 को यह सोवियत संघ से अलग होकर स्वतंत्र देश के तौर पर अस्तित्व में आया था। इसकी सीमाएं दक्षिण पूर्व में अफगानिस्तान, दक्षिण पश्चिम में ईरान, उत्तर पूर्व में उज्बेकिस्तान, उत्तर पश्चिम में कजाकिस्तान और पश्चिम में कैस्पियन सागर से मिलती हैं।
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काली रेत से ढका हुआ है 80 फीसदी हिस्सा
यह देश दुनिया के सबसे सूखे रेगिस्तानों में से एक है। यहां केवल 0.12 मिलीमीटर तक बारिश होती है। यहां रहने वाले 67 प्रतिशत लोग तुर्किश हैं जो कृषि और पशुपालन के कार्य करते हैं। यहां के लोग भारतीय फिल्मों के काफी दीवाने हैं और गाने भी गाते हैं। यहां के बच्चों को हिंदी भी पढ़ाई जाती है। इसका लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा काली रेत वाले रेगिस्तान से ढका है।
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सामान्य जीवन जी रहे हैं लोग
बाकी दुनिया की तुलना में यहां की रोजमर्रा जिंदगी बिलकुल सामान्य है। यहां के कैफे और रेस्त्रां खुले हैं और शादियों में काफी भीड़ जुट रही है। यहां के लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं और लोग आयोजनों में जुट रहे हैं। बेशक इस देश में कोरोना का संकट नहीं है लेकिन यहां के लोग इसे गंभीरता से नजरअंदाज कर रहे हैं।
शुरुआती कदम उठाने की वजह से नहीं मिले कोरोना संक्रमित मरीज
संयुक्त राष्ट्र की रेसिडेंट को-ऑर्डिनेटर एलेना पनोवा का मानना है कि शुरुआत में ही यात्राओं पर रोक लगाने जैसे उपायों की वजह से तुर्कमेनिस्तान में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिले हैं। इसके अलावा फरवरी में ही उसने चीन और दूसरे देशों के हवाई सफर पर रोक दी थी। सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को राजधानी की जगह तुर्कमेनाबाद डायवर्ट कर दिया गया था, जहां एक क्वारंटाइन जोन बनाया गया था।